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-डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, संगठन, प्रशासन और राष्ट्र निर्माण की लंबी यात्रा के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 वर्षों तक जिम्मेदारी संभालने के बाद वर्ष 2014 में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभाला। इसके बाद विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को प्रमुखता दी गई। विदेश नीति में रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए अमेरिका, रूस सहित विभिन्न शक्ति-केंद्रों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। आज भारत की भूमिका वैश्विक राजनीति में भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे जटिल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत ने शांति और संवाद का पक्ष रखा। पश्चिम एशिया में भारतीय हितों की रक्षा से लेकर वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग बढ़ाने तक, भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को सामने रखा है। ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी भारत ने अपनी प्राथमिकताओं को मजबूती से रखने का प्रयास किया। संकट के समय भारत की मानवीय भूमिका कोरोना महामारी के दौरान भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ दूसरे देशों को दवाइयां, वैक्सीन और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई। युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी कई अभियान चलाए गए। यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों को वापस लाने के अलावा अन्य संकटग्रस्त क्षेत्रों से नागरिकों को स्वदेश लाने के प्रयास किए गए। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में दृढ़ता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आतंकवाद के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने और इसके खिलाफ समर्थन जुटाने पर भी जोर दिया गया। गरीब कल्याण से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, उज्ज्वला और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब और वंचित वर्गों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया। पक्का घर, शौचालय, बिजली, गैस कनेक्शन, बैंक खाता, स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्यान्न जैसी जरूरतों को जनकल्याण की योजनाओं से जोड़ा गया। स्वच्छ भारत अभियान के जरिए स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया। गांवों और शहरों में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने की दिशा में काम हुआ। मध्यप्रदेश में इंदौर का स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार अग्रणी रहना भी इसी जनभागीदारी के उदाहरण के रूप में उल्लेखित है। आर्थिक क्षेत्र में मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियानों के जरिए उत्पादन, तकनीक, नवाचार और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए गए। रक्षा उत्पादन और निर्यात के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में भी उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है। चंद्रयान-3 की सफलता को भारत की वैज्ञानिक क्षमता की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। युवा और महिला सशक्तीकरण पर जोर युवाओं को देश की बड़ी ताकत मानते हुए कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, मुद्रा योजना, स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार के अवसरों पर जोर दिया गया। उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रोत्साहित करना बताया गया है। महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महिला आरक्षण कानून और लखपति दीदी जैसे प्रयासों का उल्लेख किया गया है। इन पहलों को महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने से जोड़ा गया है। संस्कृति, विरासत और नागरिकों से संवाद विकास के साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। योग को वैश्विक पहचान दिलाने में भारत की भूमिका, 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मान्यता और अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसे विषयों का उल्लेख किया गया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने के निर्णय को भी राष्ट्रीय एकता और अखंडता से जोड़ा गया है। ‘मन की बात’ के जरिए सामान्य नागरिकों से सीधे संवाद की परंपरा का भी उल्लेख है। इसमें गांवों, छोटे शहरों और सामान्य परिवारों से जुड़े लोगों के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने की बात कही गई है। लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को सेवा, संघर्ष, परिश्रम और राष्ट्र निर्माण की यात्रा बताते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी का आह्वान किया गया है। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर घरों और प्रतिष्ठानों में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाकर देश की विकास यात्रा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के प्रति अपनी भागीदारी व्यक्त करने की अपील की गई है।
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प्रधानमंत्री मोदी की सेवा के 25 साल:प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर बढ़ाई भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान
