श्रीगंगानगर नगर परिषद में सभापति की कुर्सी को लेकर भाजपा के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है। भाजपा ने पूर्व उपसभापति अजय दावड़ा को सिंबल देकर अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, लेकिन दावेदारी कर रहे संजय मूंदड़ा और डॉ. भरतपाल मय्यर खुलकर विरोध में उतर आए हैं।
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बुधवार को भाजपा से दावड़ा, मूंदड़ा और गौरव मित्तल और कांग्रेस से अनूप सिंह बाजवा ने नामांकन दाखिल किया।
65 पार्षदों के बोर्ड में बहुमत का आंकड़ा 33 है। भाजपा के पास 30, कांग्रेस के 17 और निर्दलीय 18 पार्षद हैं। यानी भाजपा को अपनी कुर्सी बचाने के लिए कम से कम तीन अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे। यही वजह है कि निर्दलीय पार्षदों पर दोनों दलों की नजर है।
दावड़ा को सिंबल मिलने के बाद मूंदड़ा और मय्यर ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाए। मूंदड़ा ने अपने समर्थन में बड़ी संख्या में पार्षद होने का दावा किया, जबकि मय्यर ने आरोप लगाया कि पार्षदों से राय लिए बिना प्रत्याशी तय किया गया।
उधर, विधायक जयदीप बिहाणी ने कहा कि दावड़ा के नाम पर जयपुर में विचार-विमर्श के बाद फैसला हुआ है और भाजपा के पास पर्याप्त समर्थन है। अब मुकाबला सिर्फ भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि निर्दलीयों और भाजपा के असंतुष्ट खेमे के रुख पर भी टिका है। 21 सितंबर को मतदान के बाद ही सभापति कौन बनेगा, इसकी तस्वीर साफ हो पाएगी।

अब पढ़िए- सभापति पद के दावेदारों के प्रोफाइल और राजनीतिक समीकरण

नामांकन करते हुए संजय मूंदड़ा और अजय दावड़ा।
पूर्व उपसभापति रहे चुके अजय दावड़ा
अजय दावड़ा भाजपा के स्थानीय नेताओं में शामिल रहे हैं और नगर परिषद के पूर्व उपसभापति रह चुके हैं। 2026 के चुनाव में वे वार्ड 58 से भाजपा प्रत्याशी निर्वाचित हुए।
इस बार उन्हें 1,169 वोट मिले और वे 504 वोटों के अंतर से जीते। दावड़ा की पत्नी भी पार्षद रह चुकी है।

आढ़त कारोबारी संजय मूंदड़ा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल संजय मूंदड़ा भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं। मूंदड़ा आढ़तियां हैं और सभापति पद की दावेदारी में उनका नाम चुनाव परिणाम आने के बाद से प्रमुखता से सामने आया था।
वार्ड 55 से मूंदड़ा ने चुनाव जीता है। मूंदड़ा ने पार्टी सिंबल नहीं मिलने के बावजूद सभापति पद के लिए अपनी दावेदारी कायम रखी है।

सीनियर डॉक्टर डॉ. भरतपाल मय्यर भी दावेदारों में शामिल डॉ. भरतपाल मय्यर भाजपा के पार्षद हैं और वार्ड 21 से निर्वाचित हुए हैं। उन्हें 790 वोट मिले और उन्होंने 454 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।
मय्यर शहर में सीनियर डॉक्टर के रूप में विशेष पहचान रखते हैं और शहर में उनकी छवि भी अच्छी है। सभापति पद के लिए टिकट वितरण में उनका नाम भी चर्चा में था। अब वे अजय दावड़ा को भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं।

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श्रीगंगानगर में 65 वार्डों के नतीजे घोषित:बीजेपी 30, कांग्रेस 17 और 18 निर्दलीय ने जीत दर्ज कराई

श्रीगंगानगर नगर परिषद के 65 वार्डों के नतीजे सामने आने के बाद अब बोर्ड गठन की तस्वीर भी लगभग साफ हो गई है। भाजपा 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस को 17 और निर्दलीयों को 18 वार्डों में जीत मिली है। पूरी खबर पढ़िए
