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27 साल पहले नौकरी से निकाले गए एक कर्मचारी के पक्ष में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने द बूथगढ़ को-ऑपरेटिव एग्रीकल्चरल सर्विस सोसाइटी लिमिटेड लुधियाना की अपील खारिज कर दी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने लेबर कोर्ट और सिंगल जज के फैसले को बरकरार रखा है। इन फैसलों में सोसाइटी के सेल्समैन को सेवा में बहाल करने और 50% पिछला वेतन देने का आदेश दिया गया था। हालांकि कर्मचारी का नाम अभी सामने नहीं आया है। अब 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला 1. 1999 में कंज्यूमर सेल बंद कर नौकरी से हटाया
कर्मचारी बूथगढ़ को-ऑपरेटिव सोसाइटी में सेल्समैन के पद पर तैनात था और कंज्यूमर सेल का इंचार्ज था। 24 मई 1999 को सोसाइटी ने प्रस्ताव पारित कर कंज्यूमर सेल बंद होने के आधार पर उसकी सेवाएं खत्म कर दीं। जिसके बाद वह बेरोजगार हो गया था। पूरा परिवार दिक्कत में आ गया था। 2. कर्मचारी ने लेबर कोर्ट में चुनौती दी
नौकरी से हटाए जाने के बाद कर्मचारी ने इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट के तहत इस फैसले को चुनौती दी। 15 सितंबर 2011 को लेबर कोर्ट ने छंटनी को पूरी तरह गैर-कानूनी माना। कोर्ट ने कर्मचारी को 50% पिछले वेतन के साथ सेवा में बहाल करने का आदेश दिया। लेकिन इसके बाद भी व्यक्ति को राहत नहीं मिली। सोसाइटी ने इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। 3. सोसाइटी ने हाईकोर्ट में उठाया अधिकार क्षेत्र का सवाल
सोसाइटी ने लेबर कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करते हुए तर्क दिया कि कर्मचारी पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चरल सर्विस सोसायटीज सर्विस रूल्स, 1997 के तहत आता है। इसलिए वह सीधे लेबर कोर्ट का रुख नहीं कर सकता।
हाईकोर्ट ने 2 तर्क देकर कंपनी को दिया झटका 1. हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की नजीरों का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी के पास दो कानूनी विकल्प उपलब्ध हैं, तो वह अपनी पसंद के अनुसार लेबर कोर्ट का रास्ता चुन सकता है। कोऑपरेटिव एक्ट या संबंधित नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो लेबर कोर्ट के क्षेत्राधिकार को रोकता हो। 2. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि लेबर कोर्ट के पास कर्मचारी को सेवा में बहाल करने और पिछले वेतन का भुगतान कराने का वैधानिक अधिकार है। इसके आधार पर हाईकोर्ट ने सोसाइटी की अपील खारिज कर दी और कर्मचारी की बहाली तथा 50% पिछले वेतन से जुड़े आदेश को बरकरार रखा।
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27 साल बाद सेल्समैन की नौकरी होगी बहाल:हाईकोर्ट का फैसला, मिलेगा 50% पिछला वेतन; 1999 में नौकरी से निकाला था
