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जमुई कांड-छात्र–छात्रा को पहाड़ी से घसीटकर सड़क पर लाए:भीड़ ने घेरा, शादी का दबाव बनाया, तभी नंदन यादव ने जबरन गोद में उठाया, 40 घंटे तक कहां थी पुलिस




‘शादी कराओ शादी कराओ, इसको मंदिर लेकर चलो।…’ चारों ओर भीड़ थी, टॉर्च लाइटें जल रही थीं, जिसमें सबके चेहरे सिर्फ दिख रहे थे, कोई भी व्यक्ति पूरे कपड़े में नहीं था, कोई लूंगी तो कोई हाफ ड्रेस में था। मिट्टी से सने, हट्ठे-कट्ठे युवक थे। आसपास अंधेरा था, शाम ढलने के कारण पूरा इलाका सुनसान था.. भास्कर रिपोर्टर को घटनास्थल से सटे गांव के एक युवक ने नाम न छापने की शर्त पर पूरी कहानी सुनाई। उसने बताया कि जो लोग वहां थे उनमें ज्यादातर लोग सिर्फ घटना को देख रहे थे, जब आरोपियों का उपद्रव बढ़ने लगा, तो कुछ लोगों ने दोनों बच्चों को छुड़ाया। इधर, एसपी ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक इस पूरे मामले में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। मुख्य आरोपियों का एनकाउंटर किया गया। आगे भी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जारी है। घटना के 40 घंटे बाद भी पुलिस को मामले की जानकारी तक नहीं थी, जानकारी तब हुई जब दिल्ली और पटना से इनपुट मिला? पूरा मामला कब कैसे हुआ, पढ़िए आंखों देखी… उस शाम क्या-क्या हआ, सिलसिलेवार पढ़िए… 19 सितंबर की शाम 4 बजे जमुई के एक कोचिंग की छुट्टी के बाद छात्रा और छात्र दोनों साथ में स्कूटी पर पहाड़ी पर घूमने निकलते हैं। पहाड़ी पर करीब आधे घंटे की ड्राइव के बाद पहुंच जाते हैं। इलाका सुनसान होता है, दोनों साइड गांव हैं, बीच में घाटियां हैं और उसके बीच से सड़क निकलती है। सड़क किनारे करीब 5 बजे छात्र स्कूटी साइड में लगाकर घाटी के ऊंचे टीले पर दोनों बैठ जाते हैं। इसके बाद कुछ नाबालिग बच्चे आते हैं और उन पर कमेंट पास करते हैं। दोनों उसे इग्नोर कर देते हैं। इसके बाद कुछ और लड़के आते हैं और दोनों को देखने लगते हैं। इतने में एक ने फोन से कुछ और लड़कों को बुलाना शुरू कर दिया। फिर छात्र-छात्राओं को थोड़ा शक और अनहोनी की आशंका होने लगी। वे दोनों जाने के लिए अपनी जगह से उठे, तभी कुछ लड़के स्कूटी के पास आ गए और उस पर बैठ गए। दोनों छात्र-छात्रा दूर-दूर तक किसी को आते नहीं देख पा रहे थे और किसी से मदद की उम्मीद भी नहीं कर पा रहे थे। लड़की के पास फोन नहीं था। लड़के ने अपना फोन निकाला। इतने में उसके हाथ पर झटका मारकर फोन छीन लिया गया। नाबालिग लड़कों के साथ अब कुछ बड़े लड़के भी आ चुके थे और धीरे-धीरे वहां 20-25 लड़के पहुंच गए। इनमें ज्यादातर की उम्र 20-30 साल के बीच थी। घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसके मुताबिक अब पढ़िए… पहले कुछ लड़के सड़क पर लड़की को रोकते हैं। वे उसके शरीर को गंदे तरीके से टच करते हुए उससे पूछते हैं- कहां घर है, नाम क्या है? लड़की उनके सवालों का जवाब देती है। इसी दौरान लड़की के साथ आए लड़के को कुछ युवक उससे अलग कर देते हैं। लड़का वहां से अलग दिखाई देता है, जबकि युवक लड़की को घेरे रहते हैं। इसके बाद कुछ युवक लड़की के प्राइवेट पार्ट के साथ छेड़खानी करते हैं और उसे सड़क पर घसीटते हैं। लड़की को काफी देर तक इसी तरह घसीटा जाता है। इस दौरान कुछ युवक उसे बचाने के लिए आगे आते हैं और लड़की को उनसे छुड़ाते हैं। लेकिन थोड़ी देर बाद कुछ दूसरे युवक फिर लड़की को पकड़ लेते हैं। इसके बाद दोबारा लड़की के साथ छेड़खानी और घसीटने का सिलसिला शुरू हो जाता है। वीडियो में बार-बार कुछ युवक लड़की को पकड़ते और कुछ उसे छुड़ाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। यह पूरा घटनाक्रम करीब 20 मिनट तक चलने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इससे जुड़े दो वीडियो सामने आए हैं। इनमें से एक करीब 1 मिनट 2 सेकंड और दूसरा करीब 35 सेकंड का है। घटनास्थल का एक्शन… एक और वीडियो से पढ़िए… “शादी कराओ, शादी कराओ, इसको मंदिर लेकर चलो।” चारों ओर भीड़ थी। टॉर्च लाइटें जल रही थीं, जिसमें सबके चेहरे सिर्फ दिख रहे थे। कोई भी व्यक्ति पूरे कपड़े में नहीं था। कोई लूंगी तो कोई हाफ ड्रेस में था। मिट्टी से सने, हट्ठे-कट्ठे युवक थे। आसपास अंधेरा था। शाम ढलने के कारण पूरा इलाका सुनसान था। इसी दौरान लड़की कहती है- “सॉरी भैया, प्लीज-प्लीज। हमलोग ऐसा नहीं हैं। हम एक ही स्कूल के, एक ही क्लास में पढ़ते हैं। हम यहां घूमने आए थे। हम बेस्ट फ्रेंड हैं इसके। बेस्ट फ्रेंड मतलब शादी नहीं होता है।” लड़की कहती है- “आज के बाद से कभी नहीं आएंगे। प्लीज भैया, जाने दीजिए… प्लीज-प्लीज…” लड़की तेज आवाज में “प्लीज” कहती है। इसके बाद भीड़ में से आवाज आती है- “चिल्लेवही गे… चिल्लेवही…” यानी, “चिल्लाएगी तुम।” इसके बाद लड़की के प्राइवेट पार्ट पर थप्पड़ मारा जाता है। उधर से दो लड़के कहते हैं- “आईडी दिखाओ।” लड़का पूछता है- “आईडी कहां?” इसके बाद लड़का अपनी आईडी दिखाता है। रामाशीष चौधरी नाम के व्यक्ति ने यहीं पर वीडियो बनाया और पूरे मामले को सोशल मीडिया पर दिखाया। 40 घंटे तक पुलिस को घटना की जानकारी नहीं
19 सितंबर की शाम 7 बजे का मामला है। वीडियो उसी समय बनाया गया और करीब दो घंटे बाद वायरल हुआ। पूरी रात किसी को कानों-कान घटना का पता नहीं चला। अगले दिन 20 तारीख को भी माहौल ऐसा था, जैसे कुछ हुआ ही न हो। पुलिस एक छोटे मामले में प्रेस रिलीज जारी कर रही थी, लेकिन इस घटना के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी। इसकी वजह यह थी कि तब तक वीडियो हर जगह सर्कुलेट नहीं हुआ था। अगले दिन 21 तारीख को सुबह करीब 10 बजे वीडियो देशभर में वायरल होने के बाद पुलिस मामले का संज्ञान लेती है। वह भी खुद की जानकारी पर नहीं, बल्कि पटना और दिल्ली से इनपुट मिलने के बाद। जमुई एसपी को फोन पर घटना की जानकारी दी जाती है। फोन पर घटना की जानकारी मिलते ही टीम एक्टिव होती है। पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना के बारे में स्वत: संज्ञान लेने की जानकारी देती है। इसके बाद टीम वीडियो फुटेज के आधार पर पीड़ित लड़के और लड़की के यहां पहुंचती है। वहां पूरी घटना का स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया जाता है। इसके करीब दो घंटे बाद पुलिस तीन नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार करती है। पुलिस की कार्रवाई यहां से दो तरफा शुरू होती है। सबसे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे छात्रा के फेस वाले वीडियो को डाउन कराया जाता है। इसके बाद एसआईटी गठित की जाती है। पूरे दिन एसआईटी की टीम वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करती है। पहचान के साथ ही मुख्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी मिलती है और पटना से एसटीएफ की टीम को बुलाया जाता है। पूरी रात छानबीन के बाद रामाशीष चौधरी समेत तीन ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। जंगल में छिपे थे आरोपी गिरफ्तारी के संबंध में एसपी विश्वजीत दयाल का कहना है कि आरोपी गांव से सटे नदी किनारे एक जंगल में छिपे थे। सुबह टीम को इसकी सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची। पूरी टीम पहुंची और इलाके की घेराबंदी की गई। इसी दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को देखा। पुलिस ने जब उसका पीछा किया तो वह भागने लगा। इसी दौरान इलाके के टेरेन में उसके पैर में चोट आई और वह पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम हरेराम यादव बताया और गांव का नाम प्रतापपुर बताया। इसके बाद हरेराम ने ही पुलिस को बताया कि पास के कासगंज जंगल में नंदन छिपा हुआ है। इसके बाद करीब 30 की संख्या में फोर्स ने जंगल को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस की टीम जंगल की ओर थोड़ी ही आगे बढ़ी थी कि नंदन पर टीम की नजर पड़ी। इसके बाद आरोपी ने पुलिस को देखते ही टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें आरोपी जख्मी हुआ है। हिरासत में लिए जाने के बाद उसने अपना नाम नंदन यादव बताया। नंदन के दाहिने पैर में गोली लगी है।



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