13 सितंबर, रात के करीब 9 बज रहे थे। हरियाणा में सिरसा के एक स्टेडियम में राम रहीम का रूबरू नाइट्स शो था। उसे देखने के लिए करीब 1 लाख की भीड़ जुटी थी। उसके स्टेज पर आते ही पूरा स्टेडियम तालियों और ‘पिताजी’ के नारों से गूंज उठा। म्यूजिक शुरू हुआ और उसक
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राम रहीम रेप के दो मामलों में 20 साल की सजा काट रहा है। 25 अगस्त से 16 सितंबर तक वो फरलो पर जेल से बाहर रहा। इस दौरान 12 और 13 सितंबर का दिन दैनिक भास्कर की टीम ने उसके डेरे पर बिताया। इन दो दिनों में क्या-क्या हुआ, हमने अंदर मौजूद रहकर सब करीब से देखा।
12 सितंबर: डेरा पर हजारों की भीड़, गेट पर सिर झुकाते भक्त
दोपहर में हम डेरा के लिए निकले। आश्रम से आधा किमी पहले से सड़क के दोनों ओर सजावट और लोगों की भीड़ दिखने लगी। ज्यादातर लोग भटिंडा, फाजिल्का, मानसा और राजस्थान से आए थे। डेरा पहुंचने वाले पहले मेन गेट पर सिर झुकाते, फिर आगे बढ़ते। रात होते-होते सिरसा के आस-पास से आने वालों की संख्या बढ़ने लगी।
भक्तों के लिए आश्रम में ही रुकने और खाने-पीने का इंतजाम था। डेरा पहुंचने पर पता चला कि अगले दिन यानी 13 सितंबर को राम रहीम का सत्संग है। हम देखना चाहते थे कि राम रहीम को सजा होने के बाद आखिर कितने लोग सुनने आने वाले हैं इसलिए हमने इसमें शामिल होने का फैसला किया।

हरियाणा में सिरसा से करीब 7 किमी दूर डेरा सच्चा सौदा का मुख्य आश्रम है।
13 सितंबर, सुबह 7 बजे: रात से ज्यादा भीड़, 9 बजे दर्शन की चर्चा
हम फिर सुबह आश्रम के गेट पर पहुंचे। अबकी रात से ज्यादा भीड़ थी। लोगों के बीच चर्चा थी कि सुबह 9 बजे ‘पिताजी’ यानी राम रहीम दर्शन देंगे। थोड़ी देर बाद दर्शन का समय सुबह 11 बजे हो गया। इसके एक घंटे पहले से ही सेवादारों की तैनाती बढ़ने लगी।
मैंने मोबाइल से रिकॉर्डिंग शुरू की। तभी मेरा पीछा कर रहे एक शख्स ने कहा- ‘देख रहा हूं कि तुम लगातार वीडियो बना रहे हो। इसे डिलीट करो।’ मैंने बताया कि परिवार को दिखाने के लिए बना रहे हैं। डेरा के अंदर का एक भी नहीं है। वो वीडियो हटाने की बात पर अड़ा रहा, लेकिन हमने डिलीट नहीं किया।
सुबह 11 बजे: अंदर सेवादार ने पूछा- बिना सदस्य बने यहां क्यों आए
डेरा परिसर में अंदर जाने के लिए लंबी लाइन लगी थी। एंट्री पर सख्त चेकिंग के बीच मोबाइल, घड़ी, पेन और बेल्ट सब जमा कराया जा रहा था। अंदर घुसते सामने बड़ा सा टेंट लगा था। दोनों तरफ खाने-पीने के सामान की दुकानें थीं। इनसे खरीदारी के लिए चार जगह टोकन मिल रहे थे।
करीब आधे घंटे बीते होंगे, एक सेवादार ने पास आकर पूछा- ‘डेरा के सदस्य बने बिना यहां क्यों आए हो? मैंने बताया- ’घूमने आया हूं। गुरुजी को बहुत मानता हूं। उनसे जुड़ना चाहता हूं।’ फिर सेवादार ने ही बताया कि यहां लोग एक-दूसरे को ‘प्रेमी जी’ कहकर बुलाते हैं।

दोपहर 12:30 बजे: 20 लोगों से डेरा को लेकर सवाल पूछा, जवाब नहीं मिला
इसके बाद हम सत्संग के लिए लगे टेंट में जाकर बैठ गए। आसपास बैठे लोगों से बातचीत शुरू हुई। वे डेरा से जुड़े अपने अनुभव बताने लगे। एक लड़के ने बताया कि पापा बहुत शराब पीते थे, लेकिन बाबा ने उन्हें आश्रम में सेवादार बनाया, जिसके बाद उनका नशा छूट गया। एक ने बताया कि बाबा ने मेरी मां का इलाज कराया, तब से डेरे से जुड़ गए। जब इनसे डेरे को लेकर सवाल किया, तो चुप्पी साध ली। हमने करीब 20 लोगों से बात की, लेकिन किसी ने डेरा के खिलाफ कुछ नहीं बोला।
दोपहर होते-होते भीड़ बढ़ने लगी। करीब 40 हजार की क्षमता वाले टेंट में 65 से 70 हजार लोग जुट चुके थे। तकरीबन 1 बजे राम रहीम मंच पर पहुंचा और 1 घंटे 10 मिनट सत्संग चला। इसमें कुछ लोगों को दीक्षा दी गई। करीब एक दर्जन लोगों को 7 दिन आश्रम में रखकर उनका नशा छुड़ाने का दावा किया गया। राम रहीम ने सत्संग के दौरान प्राकृतिक आपदा आने की भविष्यवाणी भी की।
डेरा पहुंचे लोगों के लिए भंडारा भी चल रहा था। हालांकि भंडारे से ज्यादा भीड़ दुकानों पर थी।

सिरसा में मौजूद डेरा सच्चा सौदा का ये आश्रम राम रहीम सिंह का मुख्यालय है। पैरोल या फरलो पर बाहर आने के बाद वो यहीं रहता है।
‘जेन-जी’ के लिए टीम, नए सेवादार बनने के लिए भी फॉर्म
डेरा में एक और चीज ने ध्यान खींचा। यहां ‘जेन-जी’ के लिए फॉर्म भरवाए जा रहे थे। बताया गया कि जिन भक्तों या सेवादारों के घर जेन-जी युवा हैं, उनके लिए अलग टीम बनाई जा रही है। नए सेवादार बनाने के लिए भी फॉर्म दिया गया।
मैंने फॉर्म लेना चाहा, तो बताया गया कि अलग-अलग इलाकों के लिए विंग बनाए गए हैं, उनसे लिखवाकर लाना होगा। विंग के लोग पहले घर जाकर जांच करते हैं। फिर संतुष्ट होने पर सेवादार बनने के लिए पर्ची लिखकर देते हैं। डेरा में पर्ची दिखाने के बाद ही सेवादार का फॉर्म मिलता है।
मैंने एक भक्त का फॉर्म देखा। उसमें परिवार और कुछ निजी जानकारी भरनी थी। फॉर्म के पीछे दिए निर्देशों में दो खास थे।
1. सेवा के दौरान कोई घटना होने पर आप खुद जिम्मेदार होंगे। 2. किसी भी डेरा प्रेमी पर ऐसे आरोप न लगाएं, जिससे डेरा की प्रतिष्ठा धूमिल हो।

पार्किंग में 200 से ज्यादा बसें, हजारों गाड़ियां, लोगों के लिए भंडारा भी
करीब शाम 5 बजे जब हम डेरा से बाहर निकले, तब सड़क के किनारे 200 से ज्यादा बसें और 5 हजार से ज्यादा गाड़ियां खड़ी थीं। इसे देखकर सत्संग में आने वाली भीड़ का अंदाजा लगा।
इसी समय पता चला कि रात 9 बजे ‘रूबरू नाइट’ होनी है। ये डेरा के पीछे क्रिकेट स्टेडियम में होगी। वहां सिर्फ पास लेकर आने वालों को ही एंट्री दी जाएगी। पास भी डेरा के सेवादारों और सदस्यों को ही मिलते हैं। काफी जद्दोजहद के बाद हमें भी एक सेवादार से पास मिला।
रात 9 बजे: स्टेडियम में करीब 1 लाख लोग, म्यूजिक बजते झूमे
स्टेडियम पहुंचने पर करीब 5 से 6 राउंड की चेकिंग के बाद एंट्री मिली। अंदर करीब 1 लाख लोगों की भीड़ थी। थोड़ा इंतजार के बाद राम रहीम मंच पर आया। उसे देखते ही पूरा स्टेडियम झूमने लगा। भीड़ देखकर वो बोला- ‘आज तो रिकॉर्ड ही टूट गया।’ तालियों और ‘पिताजी’ के शोर से स्टेडियम गूंज रहा था।
फिर डीजे शुरू हुआ और राम रहीम ने कहा कि अब कुछ सुनाता हूं। उसने ‘कांचा-कांचा ताजा-ताजा मीठा-मीठा यू आर माई बेस्ट’ गाने से शुरुआत की। फिर डीजे पर गाने-बजाने का सिलसिला घंटों चला। राम रहीम ने भक्तों के बीच आकर भी डांस किया। उसने काले रंग के कपड़े पहने थे और काले ही रंग का साफा बांध रखा था। राम रहीम को देखने के लिए करीब 11 LED स्क्रीन लगाई गईं थीं।

गुरमीत राम रहीम पहले भी जेल से बाहर आने पर नाइट शोज करता रहा है। (फाइल फोटो)
सड़क से लेकर स्टेडियम तक भीड़, सिरसा पुलिस नहीं दिखी
प्रोग्राम खत्म होने पर आया, तभी पीछे से आवाज आई- ‘तीन नंबर के सेवादार सेवा में चलें।’ मेरे आस-पास बैठे करीब 50 लोग उठकर प्रसाद बांटने चले गए। मुझे भी साथ चलने के लिए कहा। इसके बाद हमें एक प्लेट, गिलास, चम्मच और सॉस का पैकेट दिया गया। फिर प्रसाद के नाम पर टिक्की, पनीर और रोटी दी।
जब स्टेडियम से बाहर निकले, तो सड़क लोगों से खचाखच भरी थी, लेकिन कहीं सिरसा पुलिस नजर नहीं आई। मन में सवाल आया कि क्या डेरा प्रबंधन ने सिरसा प्रशासन से प्रोग्राम करने की इजाजत ली थी। क्या फरलो पर आए कैदी पर प्रशासन की नजर नहीं होती है।
पुलिस से नहीं मिला जवाब
इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए हम सिरसा डिप्टी कमिश्नर शांतनु शर्मा से मिले। डीसी का कहना है, ‘उन्हें सत्संग या बाकी किसी कार्यक्रम की जानकारी नहीं है। इसके नियम जानने के लिए एक बार फरलो रिलीज ऑर्डर पढ़ना पड़ेगा। डीसी ने ये जानकारी फोन पर ही दी। सामने बातचीत करने से साफ मना कर दिया। हमने उनसे दोबारा भी संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

हरियाणा में पेरोल और फरलो के लिए नियम
हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स एक्ट, 2022 के मुताबिक, दोषी कैदी को एक साल में 70 दिन पैरोल और 21 दिन तक फरलो मिल सकती है। शर्त ये है कि उसने 5 साल की सजा पूरी कर ली हो।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विनीत जिंदल कहते हैं, ‘हरियाणा की जेल में बंद राम रहीम को मिलने वाली पैरोल और फरलो को लेकर लगातार सवाल खड़े होते रहे हैं। हालांकि, हरियाणा गुड कंडक्ट ऑफ प्रिजनर एक्ट 2022 के तहत 5 साल की सजा पूरी कर चुके कैदी को गुड कंडक्ट के आधार पर फरलो और पैरोल की दी जाती है।’
‘एक साल में 91 दिन की पैरोल और फरलो किसी भी कैदी को दी जा सकती है। ये कई हिस्से में या एक साथ भी ले सकते हैं। पैरोल किसी जरूरी परिस्थिति, परिवार में किसी की मौत, जन्म, बीमारी या शादी पर दी जाती है।’
‘दूसरी तरफ फरलो एक छुट्टी जैसी होती है। जैसे किसी काम करने वाले को पेड लीव मिलती है, वैसे ही कैदियों को फरलो मिलती हैं।’

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