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पंजाब- चंडीगढ़ में तीन दिन बनी बारिश की संभावना:25 से बदल सकता है मौसम, मानसून की विदाई जारी; आज मौसम रहेगा ड्राई




पंजाब से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो गई है। मानसून की वापसी की रेखा फिलहाल पटियाला और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 1 से 2 दिनों में मानसून पंजाब के बाकी हिस्सों से निकलकर चंडीगढ़ और दिल्ली की ओर आगे बढ़ सकता है। आज 23 सितंबर को पूरे राज्य में मौसम ड्राई रहेगा। पश्चिमी हवांए चल रही है, ऐसे में बादल नहीं बन पा रहे हैं। हालांकि 25 सितंबर के आसपास पंजाब समेत कुछ इलाकों में बादल छाने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इसका मानसून की वापसी से कोई सीधा संबंध नहीं होगा। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार पिछले 24 घंटे में पंजाब के औसत तापमान में 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। अब तापमान सामान्य के करीब बना हुआ है। पटियाला में सबसे अधिक तापमान 35.4 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी मई के महीने जैसी बनी हुई है। 25 से बन रही बारिश की संभावना मानसून की विदाई के साथ पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि 25, 26 और 28 सितंबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मानसून कमजोर रहने का असर इस बार पंजाब में मानसून सामान्य से 39% कम रहा है। इसका असर खेती, बिजली और भूजल पर पड़ सकता है। इसे चार बिंदुओं में समझें: 1. खेती की लागत बढ़ेगी: बारिश कम होने से धान और अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को ट्यूबवेल पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा। इससे डीजल और सिंचाई का खर्च बढ़ सकता है। 2. फसलों की पैदावार पर असर: लंबे समय तक पर्याप्त बारिश नहीं होने से कुछ इलाकों में फसलों की बढ़वार और पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। 3. बिजली की मांग बढ़ेगी: सिंचाई के लिए ट्यूबवेल ज्यादा चलने से बिजली की खपत बढ़ सकती है। इससे बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव रहेगा। 4. भूजल पर दबाव: कम बारिश से जमीन के नीचे पानी का रीचार्ज कम हुआ है, जबकि सिंचाई के लिए भूजल का इस्तेमाल बढ़ा है। इससे भूजल संरक्षण की चुनौती बढ़ सकती है। सुबह ही बिजली की डिमांड 12 हजार पार पंजाब में बिजली की मांग 12,990 मेगावाट रही। राज्य ने 7,437 मेगावाट बिजली ली, जबकि निर्धारित शेड्यूल 7,392 मेगावाट था। यानी पंजाब ने शेड्यूल से 45 मेगावाट ज्यादा बिजली ली। राज्य में बिजली का अपना उत्पादन 5,556 मेगावाट रहा, जबकि ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.82 हर्ट्ज दर्ज की गई।



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