Headlines

जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम की मांग:कांग्रेसियों ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कहा-सटीक संख्या से मिलेगा न्यायसंगत अधिकार




बिलासपुर में जातिगत जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग और साफ कॉलम शामिल करने की मांग उठने लगी है। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर (पिछड़ा वर्ग विभाग) के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि ओबीसी वर्ग की वास्तविक संख्या के सही आंकड़े जुटाने और उसके आधार पर उचित प्रतिनिधित्व व भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग बिलासपुर के अध्यक्ष सुनील साहू ने किया। उन्होंने बताया कि इस ज्ञापन के जरिए देश और राज्य के करोड़ों पिछड़ा वर्ग समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की आवाज उठाई जा रही है। साहू ने यह भी कहा कि देश की बड़ी आबादी को नए आंकड़ों के बिना अधिकारों से वंचित रखना अन्याय है। पत्रकारों से बात करते हुए सुनील साहू ने कहा कि भारत का संविधान सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास पर आधारित है। देश और प्रदेश की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित है, जो लंबे समय से सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक न्याय की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के इतने दशकों बाद भी देश में ओबीसी वर्ग की वास्तविक और नई जनसंख्या का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। साहू ने जोर दिया कि जब तक सटीक आंकड़े सामने नहीं आएंगे, तब तक शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, छात्रवृत्ति और जनकल्याणकारी योजनाओं का सही तरीके से निर्धारण संभव नहीं है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा कि आबादी के अनुपात में सही प्रतिनिधित्व और भागीदारी के लिए अगली राष्ट्रीय जातिगत जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग की गणना के लिए अलग और साफ कॉलम जोड़ा जाए। उन्होंने मांग की कि ओबीसी समुदाय की वास्तविक जनसंख्या के आंकड़े वैज्ञानिक, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जुटाए जाने चाहिए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *