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हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में प्री-नर्सरी कक्षाओं में दाखिले को लेकर अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्कूल को संबंधित कानून के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। इसके बाद ही प्री-नर्सरी में दाखिला दिया जा सकेगा। जिन स्कूलों का पंजीकरण नहीं है, वह प्री नर्सरी कक्षाओं में दाखिला नहीं दे सकेंगे। जस्टिस संदीप शर्मा ने यह आदेश हिमाचल प्रदेश प्री-स्कूल एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कुछ संस्थान आवश्यक पंजीकरण के बिना प्री-नर्सरी कक्षाएं चला रहे हैं और बच्चों को दाखिला दे रहे हैं। 3 से 6 साल के बच्चों के लिए नियम हाईकोर्ट ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन सेंटर्स एक्ट 17 नवंबर 2018 को लागू हुआ था। इस कानून के तहत बनाए गए नियम 17 मार्च 2026 से प्रभावी हैं। अदालत ने कहा कि कानून और नियमों का पालन करना जरूरी है। इन प्रावधानों के अनुसार 3 से 6 साल की उम्र के बच्चों को प्री-नर्सरी में दाखिला देने वाले शैक्षणिक संस्थानों का संबंधित कानून के तहत पंजीकृत होना जरूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन दाखिले का मामला कोर्ट में उठा याचिकाकर्ता एसोसिएशन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य में कई संस्थान आवश्यक रजिस्ट्रेशन के बिना प्री-नर्सरी में दाखिले दे रहे हैं। संगठन ने इसे संबंधित कानून और नियमों का उल्लंघन बताया है। अदालत ने कानून और नियमों को देखने के बाद कहा कि याचिकाकर्ता की दलील में प्रथम दृष्टया आधार नजर आता है। इसके बाद कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि प्री-नर्सरी के दाखिले एक्ट और नियमों के प्रावधानों के अनुसार ही किए जाएंगे। सरकार समेत पक्षकारों से मांगा जवाब हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। सभी से अपना जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया गया है। मामले की आगे की सुनवाई में कोर्ट इस मामले से जुड़े कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं पर विचार करेगा। कोर्ट के अंतरिम आदेश का फिलहाल सीधा मतलब यही है कि हिमाचल में सरकारी या निजी कोई भी संस्थान संबंधित कानून के तहत जरूरी पंजीकरण के बिना प्री-नर्सरी में दाखिले नहीं दे सकता।
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हिमाचल में प्री-नर्सरी में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य:हाईकोर्ट के सरकारी-प्राइवेट स्कूलों को आदेश; याचिका में शिमला के नामी स्कूल प्रतिवादी बनाएं
