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बैंकों की 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए रविवार को बैंक खुले रहे। इसका मकसद था कि हड़ताल से पहले ग्राहक अपने जरूरी बैंकिंग काम निपटा सकें। हालांकि देर रात बैंकों की हड़ताल टल गई। इससे पहले रविवार सुबह बैंकिंग कामकाज शुरू होने के बाद चेक के जरिए पेमेंट नहीं हो रही थी। इसके अलावा चेक के माध्यम से एनईएफटी, आरटीजीएस और क्लियरिंग के लिए भी चेक स्वीकार नहीं किए जा रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे तक यही स्थिति बनी रही। इस दौरान बैंक में मुख्य रूप से वाउचर के जरिए ही पेमेंट की जा रही थी। करीब 12 बजे के बाद बैंकों में चेक से पेमेंट की सुविधा शुरू की। ऑल इंडिया बैंकिंग ट्रेड यूनियन के ऑल इंडिया वाइस प्रेसिडेंट अवनीश खोसला ने बताया कि रविवार को सरकारी बैंकों में कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा से काम किया और शाखाओं में ग्राहकों की भीड़ रही। सरकार नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट में संडे की छुट्टी को काम का दिन बनाने के लिए नोटिफिकेशन जारी करने में नाकाम रहीं , जिस कारण थर्ड पार्टी चेक में आदान-प्रदान नहीं हो सका। जिस चेक का खाताधारक खुद चेक लेकर सेल्फ पेमेंट के लिए आया उसी का केवल आदान-प्रदान हुआ। इसलिए इसकी विफलता भी सरकार की थी एंप्लॉय की नहीं। बसंत एवेन्यू स्थित पंजाब नेशनल बैंक की वरिष्ठ अधिकारी सविता अरोड़ा ने बताया कि रूटीन में उक्त ब्रांच में 100 से अधिक ग्राहकों का आवागमन होता है, मगर रविवार को सुबह 11:45 बजे तक ही 60 से अधिक ग्राहक पहुंच चुके हैं। वहीं कचहरी चौक स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य प्रबंधक मीरा कुमारी के अनुसार प्रतिदिन 400 ग्राहक बैंक में पहुंचते हैं, जबकि रविवार को ग्राहकों की संख्या कम होने की बजाय ज्यादा रही। एचडीएफसी को छोड़कर अन्य प्राइवेट बैंकों के बंद रहने से सरकारी बैंकों द्वारा प्राइवेट बैंकों के ग्राहकों की एनईएफटी-आरटीजीएस करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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रविवार को खुले बैंक मगर 12 बजे तक चेक क्लीयरिंग नहीं
