Headlines

Chandigarh Court Bail | NDPS Case Avtar Singh SC Ruling Drug Quantity



चंडीगढ़ की स्पेशल कोर्ट ने मलोया थाने में दर्ज NDPS एक्ट के मामले में आरोपी अवतार सिंह को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट की नजीर का हवाला देते हुए कहा कि अलग-अलग आरोपियों से अलग-अलग बरामद किए गए नशीले पदार्थ की मात्रा को

.

मलोया थाने में 9 जून 2026 को FIR नंबर 80 दर्ज की गई थी। इसमें आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, सत्संग भवन मलोया के पास तीन संदिग्धों राजिंदर सिंह, हनी और अवतार सिंह को पकड़ा गया था। इनके पास से कुल 1493 ग्राम चरस बरामद होने का दावा किया गया था। बाद में हिमाचल प्रदेश के कुल्लू निवासी रमेश चंद को भी मामले में नामजद किया गया।

अवतार से 496 ग्राम चरस बरामद

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अवतार सिंह से व्यक्तिगत तौर पर 496 ग्राम चरस बरामद हुई थी। कोर्ट ने माना कि यह मात्रा कमर्शियल क्वांटिटी के दायरे में नहीं आती। कोर्ट के सामने यह भी तथ्य था कि अवतार सिंह का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। कोर्ट ने अमरसिंह रामजीभाई बारोट बनाम गुजरात राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब अलग-अलग आरोपियों से अलग-अलग मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद होता है, तो केवल एक साथ पकड़े जाने के आधार पर उनकी बरामदगी को जोड़कर कमर्शियल क्वांटिटी नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि मात्राओं को जोड़ने के लिए आपराधिक साजिश या उकसावे से जुड़ा ठोस आधार होना जरूरी है।

धारा 37 की सख्त शर्तें लागू नहीं

अदालत ने माना कि अवतार सिंह से व्यक्तिगत रूप से बरामद चरस की मात्रा कमर्शियल क्वांटिटी से कम है। ऐसे में NDPS एक्ट की धारा 37 के तहत जमानत के लिए लागू होने वाली सख्त शर्तें इस मामले में लागू नहीं होतीं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने उसे नियमित जमानत देने का आदेश दिया।

50 हजार का बॉन्ड और एक श्योरिटी

अदालत ने अवतार सिंह को ₹50 हजार का पर्सनल बॉन्ड और एक श्योरिटी बॉन्ड जमा करने पर जमानत देने का आदेश दिया है। इसके विकल्प के तौर पर बैंक की ₹25 हजार की ऑटो-रिन्यूअल एफडीआर जमा करने की अनुमति भी दी गई है।

जमानत के साथ आरोपी को बिना अदालत की अनुमति के देश नहीं छोड़ने, गवाहों को प्रभावित नहीं करने और मुकदमे की हर तारीख पर अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *