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झज्जर जिले के खोरड़ा गांव की बेटी डॉ. राजवंती ने अपनी विद्वत्ता और साहित्यिक प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिले और हरियाणा का नाम रोशन किया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU), नई दिल्ली के मानविकी विद्यापीठ में सहायक प्राध्यापक एवं संयोजक के रूप में कार्यरत डॉ. राजवंती को श्रीलंका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी और विद्वत् काव्य-गोष्ठी में उनके अकादमिक एवं साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्रेमचंद के सामाजिक चिंतन पर दिया व्याख्यान श्रीलंका के सबरागमुवा विश्वविद्यालय परिसर में प्रेमचंद एवं मार्टिन विक्रमसिंह के साहित्य का अवदान : एक मूल्यांकन विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें डॉ. राजवंती ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रेमचंद का सामाजिक चिंतन विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रेमचंद के साहित्य में सामाजिक सरोकारों, मानवीय मूल्यों और समाज की वास्तविक परिस्थितियों के चित्रण को रेखांकित किया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद विद्वानों का ध्यान आकर्षित किया। कोलंबो में भी दी काव्य प्रस्तुति इससे पहले 22 सितंबर 2026 को भारतीय उच्चायोग के स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, कोलंबो में आयोजित भारत-श्रीलंका विद्वत् काव्य-गोष्ठी एवं भारत-श्रीलंका की कविताओं में अंतर्संबंध’ कार्यक्रम में भी डॉ. राजवंती ने भाग लिया। उन्होंने अपनी काव्य प्रस्तुति के माध्यम से दोनों देशों की साहित्यिक परंपराओं और उनके आपसी संबंधों को सामने रखा। विद्वत्तापूर्ण योगदान प्रमाण-पत्र’ से सम्मान डॉ. राजवंती के अकादमिक एवं साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें विद्वत्तापूर्ण योगदान प्रमाण-पत्र एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। सम्मान समारोह में सबरागमुवा विश्वविद्यालय के भाषा विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रीसिल एन. वितानगे, संगोष्ठी संयोजक प्रो. संगीत रत्नायक, भारतीय उच्चायोग की प्रथम सचिव एवं निदेशक सुश्री रोशनी थॉमस सहित कई विद्वान मौजूद रहे। काव्य संग्रह के लिए ‘मधुर नारायण काव्य पुरस्कार डॉ. राजवंती को उनके ऐतिहासिक काव्य संग्रह ‘ बालमुकुंद स्वयंसेवक के समर का समधिकार (इतिहास विषयक व्याख्यानों का काव्य संकलन)’ के लिए प्रतिष्ठित मधुर नारायण काव्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
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श्रीलंका में चमकीं डॉ. राजवंती:झज्जर के खोरड़ा की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया जिले का मान,अकादमिक और साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित
