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लुधियाना में साइबर फ्रॉड में 3 साल खाता फ्रीज:2,038 रुपए का था विवाद,कंज्यूमर कमीशन ने बैंक को तुरंत अनफ्रीज करने के दिए आदेश




साइबर फ्रॉड से जुड़े महज 2,038 रुपए के विवाद में करीब तीन साल से बैंक खाता फ्रीज रखने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, लुधियाना ने HDFC बैंक को खाता तुरंत अनफ्रीज करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने शिकायतकर्ता भाई हिम्मत सिंह नगर निवासी गुरप्रीत सिंह को 25 हजार रुपए बतौर संयुक्त मुआवजा और मुकदमेबाजी खर्च देने के भी निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि आदेश की कॉपी मिलने के बाद यदि बैंक खाता अनफ्रीज नहीं करता है तो उसे हर दिन 500 रुपए का भुगतान करना होगा। इसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपए तय की गई है। यह आदेश 25 सितंबर को आयोग के अध्यक्ष संजीव बत्रा और सदस्य मोनिका भगत की बेंच ने सुनाया। 2017 से HDFC में था सैलरी सेविंग अकाउंट गुरप्रीत सिंह ने आयोग में दायर शिकायत में बताया कि वह वर्ष 2017 से HDFC बैंक में सैलरी सेविंग अकाउंट चला रहे थे। इसी खाते से वह अलग-अलग वित्तीय संस्थानों की EMI का भुगतान करते थे। अक्टूबर 2023 में अचानक उनका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। जब उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि गुजरात के सूरत में चल रही साइबर क्राइम जांच के चलते खाता फ्रीज किया गया है। बैंक ने कहा-साइबर क्राइम पुलिस के निर्देश पर कार्रवाई HDFC बैंक ने आयोग के समक्ष कहा कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, सूरत सिटी के निर्देश पर खाता ब्लॉक किया गया था। बैंक के अनुसार एक संदिग्ध फ्रॉड ट्रांजेक्शन सामने आया था, जिसके बाद पुलिस के निर्देश पर कार्रवाई की गई। बैंक ने किसी तरह की सेवा में कमी से इनकार करते हुए शिकायत खारिज करने की मांग की। गुरप्रीत बोले- 2,038 रुपए का ट्रांजेक्शन असली था गुरप्रीत सिंह ने आयोग को बताया कि जिस 2,038 रुपए के ट्रांजेक्शन को साइबर फ्रॉड से जोड़ा गया है, वह पूरी तरह वैध था। उनके अनुसार यह रकम एक व्यक्ति द्वारा लिए गए कर्ज की वापसी के तौर पर उन्हें मिली थी। उन्होंने खाता दोबारा शुरू करवाने के लिए बैंक से कई बार संपर्क किया, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। आयोग ने कहा- पूरी राशि पर लगा सकते थे आंशिक लियन आयोग ने कहा कि बैंक ने महज 2,038 रुपए की विवादित रकम के कारण पूरा बैंक खाता फ्रीज कर दिया, जिससे शिकायतकर्ता करीब तीन साल तक अपने खाते का संचालन नहीं कर सका। रिकॉर्ड में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया कि खाता फ्रीज करने से पहले शिकायतकर्ता को कोई नोटिस दिया गया था या किसी FIR में उसे आरोपी बनाया गया था। आयोग ने माना कि ऐसी स्थिति में बैंक अधिकतम 2,038 रुपए की राशि पर आंशिक लियन लगा सकता था। पूरे खाते को फ्रीज करना उचित नहीं था। हाईकोर्ट के फैसलों का भी दिया हवाला आयोग ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि साइबर फ्रॉड से कथित तौर पर जुड़े छोटी और स्पष्ट रूप से चिन्हित रकम के आधार पर पूरा बैंक खाता फ्रीज करना अनुपातहीन हो सकता है, खासकर तब जब खाताधारक की संलिप्तता दर्शाने वाला कोई ठोस रिकॉर्ड सामने न हो। आयोग ने शिकायत को आंशिक रूप से मंजूर करते हुए HDFC बैंक को आदेश की कॉपी मिलते ही गुरप्रीत सिंह का पूरा बैंक खाता अनफ्रीज करने और 25 हजार रुपए मुआवजा व मुकदमेबाजी खर्च के तौर पर देने के निर्देश दिए हैं।



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