चंडीगढ़| अंबाला-कैथल मार्ग के पिछले तीन सालों से खस्ताहाल होने और उस पर बेरोकटोक जारी टोल वसूली को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जनहित में स्वतः संज्ञान लेकर की जा रही सुनवाई के दौरान नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अदालत के
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सुनवाई के दौरान एनएचएआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन मित्तल ने पक्ष रखते हुए भरोसा दिलाया कि मार्ग का निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरी तरह संपन्न कर लिया जाएगा। टोल प्लाजा पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए एनएचएआई ने सफाई दी कि यह टोल प्लाजा वर्तमान सुदृढ़ीकरण प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसे पहले पूरे हो चुके एक पुराने प्रोजेक्ट के तहत स्थापित किया गया था।
फिलहाल एजेंसी केवल सड़क को मजबूत और चौड़ा करने का काम कर रही है। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट की बेंच ने पूर्व में कड़ी फटकार लगाते हुए टिप्पणी की थी कि सड़क चलने योग्य स्थिति में नहीं है और निर्माण कार्य वर्षों से अटका है, इसके बावजूद आम जनता की जेबें खाली कराई जा रही हैं।
हरियाणा सरकार ने भी कोर्ट में स्पष्ट किया था कि इस मार्ग का जिम्मा केवल एनएचएआई का है। हाईकोर्ट ने एनएचएआईके आश्वासनों को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 5 अप्रैल 2027 तय की है, जिस दिन अथॉरिटी को विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
