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हिमाचल की पर्यटन नगरी कसौली को नशे से बचाने और युवाओं में जागरूकता के लिए शुक्रवार को ‘संकल्प रथ यात्रा’ शुरू हुई। उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट ने यह अभियान चलाया, जिसे राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने झंडी दिखाई। राज्यपाल ने साफ कहा कि कसौली की पहचान पर्यटन, प्राकृतिक सुंदरता और सैन्य विरासत से होनी चाहिए, नशे से नहीं। उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ केवल प्रशासनिक या पुलिस कार्रवाई काफी नहीं है। तस्करों पर सख्ती के साथ रोकथाम, उपचार और पुनर्वास पर भी बराबर काम करना होगा। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों के व्यवहार में बदलाव पर ध्यान देने को कहा। स्कूलों में नियमित काउंसलिंग, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। राज्यपाल ने कसौली कैंटोनमेंट बोर्ड और सेना से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की। कविंदर गुप्ता ने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा खेल, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में लगाने को कहा। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। सांसद बोले-रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ें युवा
सांसद सुरेश कश्यप ने उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट को अभियान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि नशे से युवा जीवन और परिवार प्रभावित हो रहे हैं। युवाओं को खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की जरूरत है। नशे की समस्या से निपटने में शिक्षण संस्थानों की भूमिका अहम: सुल्तानपुरी
विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने में शिक्षण संस्थानों और समाज की भूमिका अहम है। उन्होंने सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। ट्रस्टी नवनीत गौरियल ने राज्यपाल का स्वागत किया और ‘संकल्प रथ यात्रा’ के उद्देश्य एवं अभियान की जानकारी दी। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में डीसी सोलन मनमोहन शर्मा, एसपी टी. साई दत्तात्रेय, ट्रस्ट अध्यक्ष राज किशोर, संरक्षक राज कुमार सिंगला, सिस्टर टेसविन, सेंट मैरी स्कूल की प्रधानाचार्य सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
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कसौली में नशा विरोधी 'संकल्प रथ यात्रा' शुरू:राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने दिखाई हरी झंडी; बोले-'टूरिज्म से हो पहचान, नशे से नहीं
