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मोहाली सेक्टर-62 स्थित पुड्डा भवन में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से की गई तलाशी और सर्वे की कार्रवाई को ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) और पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर बुधवार को चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच सुनवाई करेगी। मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। गमाडा की ओर से याचिका में आरोप लगाया गया है कि 22 से 24 सितंबर के बीच ED की कार्रवाई करीब 50 घंटे तक चली। इस दौरान पुड्डा भवन की अलग-अलग मंजिलों को सील रखा गया। याचिका के मुताबिक, 30 से ज्यादा बैग में सरकारी रिकॉर्ड भी कार्यालय से बाहर ले जाया गया। मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का डेटा कॉपी का आरोप याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि ED की कार्रवाई के दौरान गमाडा के वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डेटा कॉपी या क्लोन किया गया। गमाडा के मुताबिक, प्रमुख सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी दो रात तक कार्यालय परिसर में मौजूद रहे। याचिका में कहा गया है कि अधिकारियों को बिना कानूनी अधिकार के कार्यालय में रोके रखा गया। गमाडा और पंजाब सरकार ने पूरी कार्रवाई को लेकर कानूनी अधिकार और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। 238 करोड़ बैंक धोखाधड़ी से जुड़ी जांच याचिका के मुताबिक, ED की कार्रवाई जिस मामले के आधार पर शुरू हुई, वह CBI की एक FIR से जुड़ी है। इसमें तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों से जुड़ी कथित 238 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी की जांच की जा रही है। आरोप है कि कंपनी की रकम को निजी लाभ के लिए इधर-उधर किया गया। गमाडा और पंजाब सरकार का कहना है कि इस FIR में न तो गमाडा आरोपी है और न ही उसके किसी अधिकारी को आरोपी बनाया गया है। गमाडा ने अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया गमाडा ने ED की कार्रवाई को अधिकारों के दुरुपयोग का मामला बताया है। याचिका में कहा गया है कि यदि किसी जांच के लिए गमाडा की फाइलों में दर्ज किसी लेन-देन या रिकॉर्ड की जरूरत थी तो संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए विभाग को नोटिस दिया जा सकता था। गमाडा का तर्क है कि इसके लिए पूरे कार्यालय में तलाशी और सर्वे करने की जरूरत नहीं थी। याचिका में तलाशी, रिकॉर्ड ले जाने और अधिकारियों को कार्यालय में रोके रखने की कार्रवाई को कानून के विपरीत बताया गया है। PMLA की धारा 62 के तहत कार्रवाई की मांग गमाडा ने याचिका में कहा है कि यदि कार्रवाई के दौरान अधिकारों का दुरुपयोग हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 62 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। याचिका में यह भी कहा गया है कि गमाडा या उसके अधिकारियों का उस कथित बैंक धोखाधड़ी से कोई सीधा संबंध नहीं है, जिसकी जांच के सिलसिले में ED की कार्रवाई की गई।
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पुड्डा भवन में ED की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती:गमाडा ने तलाशी और अफसरों के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का डेटा कॉपी करने पर उठाए सवाल
