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दीपके की हिरासत का 100 सेकेंड का VIDEO:दादी की मौत की खबर सुन सिर पकड़ा, दिल्ली पुलिस की मदद की पेशकश ठुकराई




कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) फाउंडर अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस की हिरासत वाला 1 मिनट 45 सेकंड का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो दिल्ली पुलिस ने जारी किया। वीडियो में नजर आ रहा है कि जब दीपके को उनकी दादी के निधन की खबर पता चली। वो सिर पर हाथ रखकर दुख जताने लगे। पुलिस अधिकारी ने उनको पानी ऑफर किया लेकिन दीपके ने नहीं पीया। अभिजीत दीपके, अशुतोष रांका और सौरव दास को शनिवार सुबह फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया गया था। करीब 23 घंटे हिरासत में रहने के बाद रविवार सुबह 10 बजे रिहा किया गया। इसके बाद दीपके नागपुर अपने घर रवाना हो गए। सबसे पहले दीपके की हिरासत वाला वीडियो देखें… दीपके-पुलिस के बीच बातचीत को सिलसिलेवार पढ़िए… अभिजीत दीपके एक कुर्सी पर बैठे थे। एक महिला पुलिसकर्मी आई उन्होंने दीपके को बताया कि आपकी दादी का निधन हो गया है। यह सुनते ही दीपके सिर पर हाथ रखकर बैठ जाते हैं। दूसरा पुलिस अधिकारी उन्हें पानी की बोतल ऑफर करता है लेकिन दीपके नहीं लेते। फिर पुलिस अधिकारी: सर आपने क्या सोचा है। अगर आपको उनके अंतिम संस्कार में जाना है तो जो भी ट्रांसपोर्ट हो सके, बस, ट्रेन, या फ्लाइट वो हम आपको अरेंज करवा देंगे। दीपके: नहीं, ऐसे ही ठीक है। अधिकारी: मतलब आप नहीं जाएंगे? दीपके: मैं ऐसे ही ठीक हूं। अधिकारी: ठीक है तो दूसरी बात यह है कि अगर आप किसी फैमिली मेंबर्स से बात करना चाहते हैं तो हम अपने फोन से बात करा देंगे। आप नंबर नोट करा दें। दीपके: मुझे नंबर याद नहीं है। पापा से बात नहीं हो पाएगी, उनको बोल दो कि आज ही अंतिम संस्कार कर दें। अधिकारी: ठीक है, अगर आपका फिर मन बदलें तो बता दें। दीपके: ठीक है। अब रिहाई के बाद दीपके का बयान सुनिए, हिरासत के दौरान क्या हुआ नागपुर पहुंचने पर दीपके ने प्रेस से बात की। उन्होंने कहा- दिल्ली पुलिस ने आकर मुझे बताया कि मेरी दादी का निधन हो गया है। मैंने पुलिस से कहा कि गांव में रहने वाले अपने कजिन को फोन करने के लिए मुझे दो मिनट के लिए मोबाइल दे दें, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने फोन नंबर देने को कहा, लेकिन मुझे नंबर याद नहीं था। मैंने फिर दो मिनट के लिए फोन देने को कहा, ताकि नंबर निकालकर उन्हें बता सकूं, लेकिन उन्होंने फोन नहीं दिया। कानून के तहत मुझे अपने वकील को फोन करने का भी अधिकार है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने मुझे इसकी अनुमति नहीं दी। मुझे अपने कजिन से बात करनी थी, जो मेरी दादी के साथ गांव में रहता था, ताकि पता कर सकूं कि क्या हुआ और कैसे हुआ। इसके बावजूद पुलिस ने फोन नहीं दिया। रात 3:30 बजे दिल्ली पुलिस ने आकर मुझसे कहा कि मैं अपने माता-पिता को फोन कर बताऊं कि मुझे गिरफ्तार कर लिया गया है। मेरा सवाल है कि उन्हें रात 3:30 बजे ही यह बात बताने के लिए क्यों कहा गया? दिन में मेरे माता-पिता को क्यों नहीं बताया गया कि मुझे गिरफ्तार किया गया है या मैं कहां हूं? सुबह तक इंतजार क्यों नहीं किया गया? पुलिस ने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है। लेकिन किस कानूनी प्रक्रिया के तहत किसी के माता-पिता को रात 3:30 बजे फोन कर उनके बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी देने के लिए कहा जाता है? CJP बोली- दीपके गुहार लगाते रहे, पुलिस ने नहीं सुना कॉकरोच पार्टी ने रविवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके की दादी के निधन की खबर देने के दौरान भी दिल्ली पुलिस कैमरा और माइक लेकर पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि दीपके पुलिस से बार-बार अपने कजिन से बात कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। दीपके की मां बोली- बेटा दादी को चेहरा नहीं देख सका अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने कहा- अगर अभिजीत को कल रिहा कर दिया जाता, तो वह आज अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते थे। अब वह उनका चेहरा आखिरी बार देख भी नहीं पाएंगे। ——————————



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