दोस्ती में मंदी:तीन चौथाई युवा दोस्त होने पर भी अकेलापन महसूस कर रहे, अधिक ‘कनेक्टेड’ होने के बावजूद करीबी दोस्तों की कमी
कभी दोस्ती का मतलब था घंटों साथ बैठना, बिना वजह मिलना और छोटी-बड़ी हर बात साझा करना। आज तस्वीर बदल गई है। मोबाइल में सैकड़ों कॉन्टैक्ट हैं, सोशल मीडिया पर हजारों फॉलोअर्स हैं, दर्जनों वॉट्सएप ग्रुप हैं, लेकिन भावनात्मक रूप से साथ देने वाले दोस्त कम होते जा रहे हैं। यही वजह है कि आज…
