अरविंद केजरीवाल ने वाहन मालिकों के हित में उठाया कदम:ऑटो मोबाइल कंपनियों को लिखा लेटर, कहा- एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर स्थिति स्पष्ट करें




आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश के करोड़ों वाहन मालिकों के हितों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। केजरीवाल ने देश की 29 प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर E20 (20% एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के इस्तेमाल और पुरानी गाड़ियों (2023 से पहले बनी) पर इसके प्रभाव को लेकर लिखित स्पष्टीकरण और उपभोक्ता गारंटी की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में दो अलग-अलग श्रेणियों में पत्र भेजे हैं। पहला पत्र उन 3 बड़ी कंपनियों को भेजा गया है जिनके प्रतिनिधियों ने हाल ही में सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था, जबकि दूसरा पत्र टाटा मोटर्स समेत अन्य 26 वाहन निर्माता कंपनियों को भेजा गया है। 3 प्रमुख कंपनियों (टोयोटा, मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प) को पहला पत्र अरविंद केजरीवाल ने पहला पत्र मारुति सुजुकी इंडिया, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और हीरो मोटोकॉर्प को लिखा है। टोयोटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी को संबोधित पत्र में केजरीवाल ने 4 जुलाई 2026 को सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला दिया। केजरीवाल का कहना है कि, “प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंपनी प्रतिनिधियों ने दावा किया था कि 2023 से पहले के वाहनों में E20 ईंधन का उपयोग सुरक्षित है और इससे इंजन को नुकसान नहीं होगा, केवल माइलेज में मामूली कमी आएगी। लेकिन यह दावा कंपनियों के अपने ही ‘ओनर्स मैनुअल’ (Owner’s Manual) के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें साफ लिखा है कि इन गाड़ियों में केवल 10% एथेनॉल (E10) वाले पेट्रोल का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।” केजरीवाल ने कहा कि यह कोई मामूली विसंगति नहीं है। करोड़ों उपभोक्ताओं को यह जानने का हक है कि वे गाड़ी खरीदते समय मिले आधिकारिक मैनुअल पर भरोसा करें या कंपनियों के मौजूदा बयानों पर। टाटा मोटर्स समेत 26 कंपनियों को दूसरा पत्र अरविंद केजरीवाल ने दूसरा पत्र टाटा मोटर्स के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्रा समेत बाकी 26 ऑटोमोबाइल कंपनियों को भेजा है। इस पत्र में उन्होंने देश भर में प्री-2023 वाहनों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर चल रहे भारी विवाद का जिक्र किया है। उन्होंने सभी कंपनियों से एक हफ्ते के भीतर भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक स्पष्ट, सार्वजनिक और लिखित बयान जारी करने की मांग की है। ऑटो कंपनियों के सामने रखे दो कड़े सवाल अरविंद केजरीवाल ने सभी कंपनियों से एक हफ्ते के भीतर सार्वजनिक तौर पर दो मुख्य बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने और लिखित गारंटी देने को कहा है:- माइलेज में कमी पर मुआवजा: यदि 2023 से पहले का कोई वाहन (जो E20 के अनुकूल नहीं है) E20 ईंधन का उपयोग करने के बाद 10% से अधिक माइलेज की गिरावट दर्ज करता है, तो क्या कंपनी प्रभावित मालिक को इस नुकसान का मुआवजा देगी? इंजन खराब होने पर मुआवजा: यदि E20 ईंधन के इस्तेमाल के कारण गाड़ी या उसके इंजन के पार्ट्स को कोई नुकसान पहुंचता है, तो क्या कंपनियां मरम्मत या पार्ट्स बदलने के खर्च का पूरा मुआवजा उपभोक्ता को देंगी?



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