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रोहतक में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने आरक्षण सुधार, आंदोलन पर हुई कार्रवाई, भारी पुलिस बल की मौजूदगी और राजनीतिक दलों की चुप्पी को लेकर सरकार पर तीखे सवाल खड़े किए। नवीन जयहिंद ने कहा कि आरक्षण सुधार का मुद्दा किसी एक जाति का मुद्दा नहीं, बल्कि यह गरीब और कमजोर व्यक्ति के हक का सवाल है। नवीन जयहिंद ने कहा कि अगर किसी आरक्षित वर्ग में कोई परिवार लगातार पीढ़ियों से आरक्षण का लाभ ले रहा है और दूसरी तरफ उसी वर्ग के गरीब परिवार के बच्चों को नौकरी तक नहीं मिल रही, तो इस पर चर्चा जरूर होनी चाहिए। आरक्षण का मतलब ये नहीं कि जो पहले से मजबूत है, वही बार-बार फायदा लेता रहे। जो गरीब है, जिसके घर में रोटी की दिक्कत है, उसे फायदा मिलना चाहिए। आरक्षण सुधार पर चर्चा से डर क्यों? नवीन जयहिंद ने कहा कि सरकार कोई भी नीति लेकर आती है तो उस पर चर्चा होनी चाहिए। जिन लोगों पर नीति का असर पड़ना है, उनकी बात सुनी जानी चाहिए। देश में नेता हर मुद्दे पर बोलते हैं, लेकिन आरक्षण में सुधार की बात आते ही, उनके मुंह पर ताला लग जाता है। अगर शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों से चर्चा तक नहीं की जा सकती और उन्हें रात में उठाकर जेल भेज दिया जाता है, तो फिर लोकतंत्र में चर्चा का मतलब क्या रह गया? क्रिकेट टीम में भी लागू करें रिजर्वेशन नवीन जयहिंद ने अपने हरियाणवी अंदाज में आरक्षण व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर जाति के आधार पर हर जगह हिस्सेदारी तय करनी है तो फिर क्रिकेट टीम से लेकर हर खेल में भी उसी हिसाब से आरक्षण लागू कर देना चाहिए। क्रिकेट टीम में भी रिजर्व कैटेगरी के हिसाब से खिलाड़ी लो, कुश्ती, कबड्डी और हर जगह आरक्षण नीति लागू करें। अपनी जाति का आदमी गरीब का मार रहा हक नवीन जयहिंद ने कहा कि आरक्षण के नाम पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसका वास्तविक फायदा किसे मिल रहा है। कई जगह ऐसा देखने को मिलता है कि एक ही परिवार या कुछ सीमित परिवार लगातार सरकारी नौकरियों और सुविधाओं का लाभ लेते रहते हैं, जबकि उसी वर्ग का गरीब व्यक्ति पीछे रह जाता है। कई जगह अपनी ही जाति के लोग अपनी ही जाति के कमजोर लोगों का शोषण कर रहे हैं। आर्थिक आधार और सरकारी डेटा पर जोर नवीन जयहिंद ने कहा कि सरकार के पास लोगों की आय, जमीन, मकान, संपत्ति और अन्य आर्थिक जानकारी का रिकॉर्ड मौजूद है। ऐसे में जरूरतमंद व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल नहीं होना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत है, वह करोड़पति है और उसके परिवार को पहले से कई सरकारी लाभ मिल चुके हैं, तो यह देखना जरूरी है कि उसे आरक्षण का लाभ लगातार क्यों मिलता रहे। भारी पुलिस बल पर सवाल नवीन जयहिंद ने बीपीएल फ्लैट पर भारी संख्या में पुलिस बल लगाए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें पुलिस से डर नहीं लगता और पुलिस कितनी भी आए, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन इतनी भारी पुलिस देखकर दूसरे लोग जरूर डर सकते हैं और यह संदेश जा सकता है कि सरकार सवाल उठाने वालों को दबाना चाहती है।
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आरक्षण सुधार पर रोहतक में नवीन जयहिंद के सवाल:बोले- गरीब के हक पर नहीं होना चाहिए कब्जा, क्रिकेट में भी लागू करें रिजर्वेशन
