![]()
आज पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से इकोटूरिज्म इनवेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान राज्य के 29 जलाशयों और 247 तालाबों, पोखरों, झीलों और आर्द्रभूमियों पर इकोटूरिज्म आधारित परियोजनाओं के विकास के लिए उपलब्ध निवेश अवसरों पर चर्चा की गई। इसका शुभारंभ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने किया। इस सम्मेलन में राज्य और राज्य के बाहर से आए 50 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया। पीपीपी मॉडल से इकोटूरिज्म परियोजनाओं में निवेश को मिलेगा बढ़ावा इस सम्मेलन का उद्देश्य राज्य में उपलब्ध इकोटूरिज्म निवेश संभावनाओं को निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करना और सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP) मॉडल के माध्यम से इकोटूरिज्म परियोजनाओं के विकास को गति प्रदान करना था। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर भी मौजूद रहे। मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने कहा, बिहार में इकोटूरिज्म के क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि इकोटूरिज्म केवल पर्यटन गतिविधि नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय समुदायों के आर्थिक सशक्तीकरण तथा हरित अर्थव्यवस्था के निर्माण का प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने तथा निवेश संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने देशभर के निवेशकों से बिहार की प्राकृतिक एवं पर्यटन संभावनाओं का लाभ उठाते हुए इकोटूरिज्म क्षेत्र में निवेश करने का आह्वान किया। एडवेंचर टूरिज्म गतिविधियों और वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा सम्मेलन के दौरान निवेशकों को वर्तमान में जारी विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी भी दी गई। भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य में इकोटूरिज्म परियोजना के विकास के लिए जारी रिक्वेस्ट फाॅर प्रोपोजल (RFP) की अंतिम तिथि 28 जुलाई निर्धारित की गई है। राज्य के चयनित इकोटूरिज्म स्थलों पर एडवेंचर टूरिज्म गतिविधियों और वाटर स्पोर्ट्स सुविधाओं के विकास, संचालन एवं अनुरक्षण के लिए योग्य एजेंसियों से EOI आमंत्रित किए गए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 6 अगस्त निर्धारित है। 30 वर्षों की लीज पर दिया जाएगा स्थल परियोजनाओं को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ग्रुप-ए के अंतर्गत जलाशय आधारित इकोटूरिज्म परियोजनाएं और ग्रुप-बी के अंतर्गत तालाब, पोखर, झील और अन्य जल निकाय आधारित इकोटूरिज्म परियोजनाएं सम्मिलित हैं। चयनित निवेशकों को संबंधित स्थल 30 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन परियोजनाओं को बिहार पर्यटन नीति के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों का लाभ भी प्रदान किया जाएगा। जलाशय आधारित इकोटूरिज्म प्रोजेक्ट के लिए 10 करोड़ वार्षिक टर्नओवर ग्रुप-ए की परियोजनाओं के लिए प्रति स्थल न्यूनतम 10 करोड़ रुपये वार्षिक टर्नओवर और एक से अधिक स्थलों के लिए अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की पात्रता निर्धारित की गई है। वहीं ग्रुप-बी की परियोजनाओं के लिए प्रति स्थल न्यूनतम 2 करोड़ रुपये वार्षिक टर्नओवर और एक से अधिक स्थलों के लिए अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक की पात्रता निर्धारित की गई है। राजगीर नेचर सफारी में 2024-25 में 3 लाख लोग आए सम्मेलन के दौरान विभाग द्वारा राज्य में इकोटूरिज्म के क्षेत्र में हो रही प्रगति के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। राजगीर नेचर सफारी में वर्ष 2022-23 में लगभग 1.59 लाख पर्यटक पहुंचे थे, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर लगभग 3 लाख हो गए। इसी प्रकार मंदार हिल, करमचट डैम, नागी-नकटी पक्षी अभयारण्य, भीमबांध इकोटूरिज्म सेंटर तथा वाल्मीकिनगर इकोटूरिज्म क्षेत्र में भी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य में इकोटूरिज्म के बढ़ते आकर्षण को दर्शाती है।
Source link
'इकोटूरिज्म के लिए 30 साल की लीज पर दिया जाएगा':जलाशय प्रोजेक्ट के लिए 10 करोड़ वार्षिक टर्नओवर, इनवेस्टर्स मीट का आयोजन
