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उदयपुर नगर निगम चुनाव: प्रत्याशियों की शिक्षा में रोचक मुकाबला:चुनाव मैदान में PDH से लेकर साक्षर तक के उम्मीदवार, जानिए किस पार्टी के पास कितने पढ़े-लिखे चेहरे




उदयपुर में नगर निगम चुनाव का मुकाबला अब केवल विकास और वादों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘डिग्रियों’ तक भी है। एक तरफ जहां कुछ प्रत्याशियों के नाम के आगे ‘डॉक्टर’ की उपाधि और पीएचडी जैसी उच्च डिग्रियां हैं, तो दूसरी तरफ ऐसे चेहरे भी हैं जो केवल ‘साक्षर’ हैं या महज पांचवीं-सातवीं कक्षा तक ही पढ़े हैं। कांग्रेस के पास जहां सबसे ज्यादा पीएचडीधारी 3 उम्मीदवार हैं, वहीं सबसे ज्यादा 10 साक्षर और कम पढ़े-लिखे उम्मीदवार भी उसी पार्टी में हैं। उधर, भाजपा का चुनावी प्रोफाइल अधिक ‘बैलेंस्ड’ और ‘मिडिल-हाई’ एजुकेशन है, जहाँ पोस्ट ग्रेजुएट्स की संख्या ज्यादा है और ‘साक्षर’ श्रेणी के उम्मीदवार कांग्रेस से आधे से भी कम हैं। हालांकि, सबसे कम शिक्षित (5वीं पास) प्रत्याशी भाजपा का है। इस बार दोनों पार्टियों ने अच्छी संख्या में उच्च शिक्षित युवाओं और दिग्गजों पर भरोसा जताया है। कांग्रेस के पास 3 और भाजपा के पास 2 पीएचडी धारी कांग्रेस के पास 3 पीएचडी धार उम्मीदवार है जिनमें डॉ. पूनम राठौड़ (कांग्रेस, वार्ड 17), डॉ. नेहा कुमावत (कांग्रेस, वार्ड 25) और डॉ. हितांशी शर्मा (कांग्रेस, वार्ड 73) से हैं। जबकि भाजपा में पंकज बोरणा (वार्ड 74) और कविता जोशी (वार्ड 76) पार्टी के सबसे उच्च शिक्षित उम्मीदवार हैं, जिन्होंने पीएचडी की है। प्रोफेशनल डिग्री पर कांग्रेस और भाजपा में टक्कर वर्तमान दौर में प्रोफेशनल डिग्री (LLB, MBA, CA, B.Tech) वाले उम्मीदवारों की मांग काफी बढ़ चुकी है। इस बार कुल 30 प्रोफेशनल डिग्री धारी उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं, जिसमें भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही 15-15 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। कांग्रेस (15): इस सूची में वकीलों (LLB) की खासी भरमार है, जो वार्ड 2, 3, 14, 27, 39, 46, 55, 64 और 66 से मैदान में हैं। इसके अलावा वार्ड 19 से राघव चपलोत और वार्ड 54 से अमित श्रीवास्तव B.Tech हैं, जबकि वार्ड 22 से हिदायतुल्ला के पास बीएससी नर्सिंग की डिग्री है। भाजपा (15): भाजपा ने वार्ड 1, 39, 71, 73, 75 और 80 में एलएलबी धारकों को उतारा है। इसके साथ ही पार्टी के पास सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) के रूप में वार्ड 35 से सुनील कंठालिया और वार्ड 44 से आशीष कोठारी शामिल हैं। वहीं वार्ड 27, 30 और 33 के उम्मीदवार एमबीए (MBA) डिग्री धारी हैं। पोस्ट ग्रेजुएट (PG): कुल 23 प्रत्याशी पोस्ट ग्रेजुएट हैं, जिनमें भाजपा के 13 (MA, M.Com, M.Sc) और कांग्रेस के 10 उम्मीदवार शामिल हैं। ग्रेजुएट: कुल 29 ग्रेजुएट उम्मीदवारों में 16 कांग्रेस के और 13 भाजपा के प्रत्याशी हैं। कम शिक्षा वाले प्रत्याशी: भाजपा में ‘पांचवीं पास’ तो कांग्रेस में ‘साक्षरों’ की फौज राजनीति में केवल बड़ी डिग्रियां ही नहीं, बल्कि जमीनी अनुभव भी अहमियत रखता है। यही कारण है कि पार्टियों ने कम पढ़े-लिखे और साक्षर लोगों को भी मौका दिया है। 12वीं से कम शिक्षा: 10वीं, 8वीं और उससे कम पढ़े-लिखे उम्मीदवारों में कांग्रेस के 27 और भाजपा के 20 प्रत्याशी हैं। आठवीं और पांचवीं पास: भाजपा के 7 उम्मीदवार केवल आठवीं पास हैं। खास बात यह है कि सबसे कम पढ़े-लिखे प्रत्याशी भाजपा के दुर्गालाल (वार्ड 77) हैं जो सिर्फ 5वीं पास हैं, जबकि कांग्रेस की तरफ से मीठालाल (वार्ड 74) और भूराशंकर (वार्ड 77) 7वीं तक शिक्षित हैं। साक्षर उम्मीदवार: कई प्रत्याशियों ने अपनी शिक्षा में किसी कक्षा का उल्लेख न कर खुद को केवल ‘साक्षर’ बताया है। इनकी संख्या कांग्रेस में अधिक है, जहां कुल 15 साक्षर प्रत्याशियों में से 10 कांग्रेस और 4 भाजपा के हैं।



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