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उमरिया में 4 दिन से बारिश नहीं, थमा बादल:किसान बोले-धान का रोपा सूखने लगा; पंपों के सहारे बचा रहे फसल




उमरिया जिले में चार दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के चलते धान का रोपा सूखने लगा है, जिसे बचाने के लिए किसान पंपों का सहारा ले रहे हैं। जिले में अब तक सामान्य से 14 इंच से अधिक कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे पारा 34.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। भू-अभिलेख कार्यालय की 15 जुलाई 2026 की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से 14 जुलाई तक जिले में औसतन 8.86 इंच (225 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 23.10 इंच (586.7 मिमी) बारिश हुई थी। इस प्रकार, इस वर्ष अब तक 361.7 मिमी (14.24 इंच) कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। जिले की सामान्य वार्षिक वर्षा 1215.7 मिमी (47.86 इंच) है, जिसका केवल 18.5 प्रतिशत ही अब तक दर्ज हो सका है। कुछ दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज तहसीलवार वर्षा आंकड़ों में करकेली सबसे आगे रहा, जहां 11.18 इंच (284 मिमी) बारिश हुई। वहीं मानपुर में सबसे कम 5.69 इंच (144.5 मिमी) वर्षा दर्ज की गई। अन्य तहसीलों में पाली में 10.35 इंच (262.9 मिमी), नौरोजाबाद में 10.21 इंच (259.3 मिमी), बांधवगढ़ में 8.67 इंच (220.2 मिमी), बिलासपुर में 7.20 इंच (182.9 मिमी) और चंदिया में 6.74 इंच (171.2 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। 10 जुलाई को अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री था, जो 14 जुलाई को बढ़कर 34.7 डिग्री तक पहुंच गया। इस दौरान न्यूनतम तापमान भी 25.4 से 26 डिग्री के बीच रहा, जिससे उमस और गर्मी का असर काफी बढ़ गया है। किसान बोले-धान का रोपा सूखने लगा बारिश की कमी के कारण दोपहर 11 बजे के बाद सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम हो गई है। किसान राजेश ने बताया कि धान का रोपा सूखने लगा है और वे पंपों से सिंचाई कर फसल बचाने में जुटे हैं। जिला मुख्यालय निवासी सुरेंद्र ने कहा कि जुलाई में इतनी उमस लंबे समय बाद देखने को मिल रही है, जिससे पसीने और गर्मी के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।



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