Headlines

एन. रघुरामन का कॉलम:इंसान हो या कंपनी, लगातार अडेप्टेशन ही टिकाऊ विकास का जरिया बनता है




आप में से कितने लोग ऐसे किसी व्यक्ति और कंपनी का नाम बता सकते हैं, जो बाजार के ठहराव से आगे निकलने के लिए अपनी स्किल, स्ट्रैटजी और स्ट्रक्चर में लगातार बदलाव कर रही हों? मेरे पास दोनों श्रेणियों के एक-एक उदाहरण है। दोनों की कहानी यहां पेश है। जब मैंने इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री कवर करना शुरू किया तो देखा कि दस साल के शोध में हिताची, पैनासोनिक, तोशिबा, फुजित्सु, सान्यो और सोनी- ये छह कंपनियां बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थीं। पहली पांच कंपनियों को तो घाटा हो रहा था, जबकि सोनी ने अपने टर्नओवर पर महज 1.4% मुनाफा कमाया। लेकिन मैंने देखा कि वीडियो गेम बनाने वाली सातवीं कंपनी निनटेंडो, जिसका आकार सोनी का 1/9 था, टर्नओवर पर 15.3% मार्जिन कमा रही थी। इसी समय जाकर सोनी को महसूस हुआ कि उसे यथाशीघ्र इलेक्ट्रॉनिक्स से एंटरटेनमेंट क्षेत्र में जाना होगा। मार्च 2026 में जब सोनी ने कहा कि वह अपने टेलीविजन बिजनेस को एक चीनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी के साथ नए जॉइंट वेंचर को सौंप रही है तो जापान में कई लोगों ने उन पुराने दिनों की कसक महसूस की, जब देश की कंज्यूमर-इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री बेहद समृद्ध थी। लेकिन सोनी के सीईओ हिरोकी टोटोकि भावनाओं में बहने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उनके नेतृत्व में आज दुनिया की सबसे जानी-मानी इलेक्ट्रॉनिक्स फर्म एंटरटेनमेंट क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, जिसका फोकस म्यूजिक, मूवीज और वीडियो गेम्स पर है। सोनी की ‘स्पाइडर-मैन’ फिल्मों की नवीनतम कड़ी ने अगस्त के शुरुआती वीकेंड में दुनिया भर में 900 मिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई की। डिज्नी की ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ के बाद यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मूवी लॉन्च है। इससे पहले माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ ने सोनी की म्यूजिक यूनिट का मुनाफा नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। चलिए, अकादमिक रुचि के लिए सोनी के इतिहास पर नजर डालिए। 1946 में बमबारी से तबाह टोक्यो में यह कंपनी रेडियो-रिपेयर शॉप के रूप में शुरू हुई थी। चार साल बाद, 1950 में टेप रिकॉर्डर और रेडियो बनाने लगी। 1979 में इसने वॉकमैन, फिर हैंडीकैप और डिस्कमैन जैसे दूसरे प्रोडक्ट बनाए और सोनी क्वालिटी और कूल होने का पर्याय बन गई। 1989 में जब इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स दूसरे क्षेत्रों में फोकस कर रहे थे तो कंपनी ने लगभग 3.4 अरब डॉलर में कोलंबिया पिक्चर्स को खरीदा, जिसमें उसका कर्ज भी शामिल था। आज सोनी की सालाना कमाई का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा मोशन पिक्चर्स, म्यूजिक और वीडियो गेम्स से आता है। अब अनिल कुंबले को लीजिए। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में क्रिकेटर अनिल कुंबले से ऑफ-फील्ड वह मेरी पहली मुलाकात थी। इससे पहले उनसे मुलाकात हमेशा क्रिकेट मैदानों या स्टेडियमों में हुई थीं। पहली बार हम घास पर साथ चल रहे थे और मैंने देखा कि उनकी आंखें चारों ओर की हरियाली पर टिकी थीं। वो किसी क्रिकेटर की आंखें नहीं थीं, जो बल्लेबाज के फुट-मूवमेंट देख रहा हो, बल्कि ऐसी जिज्ञासु आंखें थीं जो वाइल्डलाइफ पर फोकस कर रही थीं। उन्होंने इंजीनियर से लेग-स्पिनर बने ऐसे खिलाड़ी के रूप में क्रिकेट में कदम रखा, जिसके पास पारंपरिक तौर पर बहुत ज्यादा टर्न नहीं था। इसके बजाय उन्होंने घातक सटीकता, गति में मामूली बदलाव और रणनीतिक अनुशासन को अपनाया। फिर उन्होंने नेतृत्व की भूमिका अपनाई। कप्तान और कोच के रूप में उन्होंने अपने जबरदस्त वर्क-एथिक्स के साथ टीम को गाइड किया। बाद में अपने एनालिटिकल दिमाग का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इंडियन नेशनल टीम और आईपीएल फ्रेंचाइजियों के मेंटर और कोच के रूप में काम किया। वह स्पेक्टाकॉम टेक्नोलॉजीज के को-फाउंडर बने, जहां उन्होंने अपने एनालिटिकल खेल अनुभव और टेक्नोलॉजी को मिलाकर स्मार्ट बैट सेंसर विकसित किए, जो बैटिंग परफॉर्मेंस को रियल-टाइम में ट्रैक करते हैं। एक वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर के तौर पर उन्होंने अपनी बारीक नजर से प्राकृतिक जगत पर फोकस किया। उन्होंने ‘वाइड एंगल’ किताब प्रकाशित की और फोटोग्राफी के जरिए वन्यजीव संरक्षण में योगदान दिया। कंपनियों के लिए नियमित री-स्ट्रक्चरिंग और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन से ऑपरेशनल वेस्ट कम हो सकता है, कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं और बदलती कंज्यूमर डिमांड को पूरा किया जा सकता है। ऐसे ही किसी इंसान के लिए वर्क प्रोफाइल को अपग्रेड और बदलते रहना उसे बाजार में प्रासंगिक बनाए रख सकता है। जाहिर है, लगातार बदलाव आत्मसंतुष्टि के भाव को रोकता है और संभावित अप्रासंगिकता को प्रतिस्पर्धात्मक फायदे में बदल देता है। फंडा यह है कि ग्रोथ कभी स्थिर नहीं होती। इसके लिए पुरानी आदतों और तौर-तरीकों को छोड़ना जरूरी है। व्यवस्थित तरीके से बेकार प्रक्रियाओं को हटाकर और आधुनिक इनोवेशन को अपनाकर इंसान और कंपनियां बदलावों को लगातार मुनाफा देने वाले इंजन में बदल सकते हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *