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जनपद पंचायत पुनासा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) राकेश शर्मा के कार्य व्यवहार और पदस्थापना को लेकर पंचायत सचिव संघ, रोजगार सहायक संघ व जनपद पंचायत के कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। संयुक्त मोर्चे ने CEO राकेश शर्मा को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है। कर्मचारी संगठनों ने सोमवार को कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि, मांग के समर्थन में 21 से 23 सितंबर तक सामूहिक अवकाश लिया जाएगा। इसके बाद भी यदि 23 सितंबर तक CEO का पुनासा से स्थानांतरण नहीं किया जाता है तो 24 सितंबर से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू की जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि, यह निर्णय पंचायत सचिव संघ, रोजगार सहायक संघ और जनपद पंचायत के स्टाफ ने संयुक्त रूप से लिया है। सुबह 7 बजे से फोन कर संपर्क करने का आरोप
कर्मचारियों ने CEO राकेश शर्मा के कार्य व्यवहार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों के अनुसार CEO द्वारा कई बार सुबह करीब 7 बजे से ही मोबाइल फोन के माध्यम से कर्मचारियों से संपर्क किया जाता है। उनका आरोप है कि इस तरह के लगातार संपर्क और कार्य संबंधी दबाव के कारण कर्मचारियों को मानसिक तनाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालयीन संवाद के दौरान कई बार कथित रूप से अमर्यादित एवं अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। संयुक्त मोर्चे के अनुसार पूर्व में भी पंचायत सचिव संघ, रोजगार सहायक संघ और कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने CEO से व्यक्तिगत मुलाकात कर उनके व्यवहार के संबंध में चर्चा की थी और कर्मचारियों के साथ मर्यादित एवं सम्मानजनक व्यवहार करने का अनुरोध किया था। कर्मचारियों का कहना है कि इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। शासकीय योजनाओं में काम करने के बावजूद असंतोष का दावा
पंचायत सचिव संघ जिलाध्यक्ष नरेंद्र प्रजापति ने बताया कि, जनपद पंचायत के कर्मचारी शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में लगातार काम कर रहे हैं और जनपद ने योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करते हुए प्रथम स्थान भी प्राप्त किया है। इसके बावजूद कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर असंतोष बना हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि कार्यस्थल पर लगातार मानसिक दबाव के कारण कार्यालय का माहौल प्रभावित हो रहा है। CEO के खिलाफ पुराने न्यायालयीन प्रकरण का भी हवाला
कर्मचारियों ने अपने दूसरे ज्ञापन में CEO राकेश शर्मा के खिलाफ पूर्व में हुई न्यायालयीन कार्यवाही का भी उल्लेख किया है। इसमें दावा किया गया है कि राकेश शर्मा जब जनपद पंचायत गुना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी थे, उस दौरान उनके विरुद्ध न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, गुना के न्यायालय से 20 नवंबर 2019 को गिरफ्तारी वारंट क्रमांक 45/15609 जारी किया गया था। ज्ञापन में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 166, 467, 468, 471 और 409 के तहत आपराधिक प्रकरण का हवाला देते हुए इस संबंध में समुचित जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। कर्मचारियों ने कहा कि संबंधित न्यायालयीन रिकॉर्ड और गिरफ्तारी वारंट के संबंध में प्रशासन स्तर पर तथ्यों की जांच की जाए। 24 सितंबर से काम बंद करने की चेतावनी
संयुक्त मोर्चे ने प्रशासन को स्पष्ट समयसीमा देते हुए कहा है कि 23 सितंबर तक CEO राकेश शर्मा का पुनासा से अन्यत्र स्थानांतरण नहीं किया गया तो 24 सितंबर से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू की जाएगी। कर्मचारियों ने प्रशासन से कार्यस्थल की गरिमा, कर्मचारियों के सम्मान और कार्यालयीन वातावरण को ध्यान में रखते हुए समयसीमा में निर्णय लेने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान पंचायत सचिव संघ, रोजगार सहायक संघ और जनपद पंचायत पुनासा के कर्मचारी मौजूद रहे।
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कर्मचारी से अभद्रता, CEO के तबादले की मांग:पुनासा जनपद के कर्मचारी 3 दिन सामूहिक अवकाश पर; पूर्व में गिरफ्तारी वारंट का हवाला दिया
