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कसौली छावनी के लोअर मॉल स्थित फिरोजी विला में अवैध निर्माण और दशकों पुराने चीड़-देवदार के पेड़ों की कटाई का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कसौली के एसडीएम को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्रशासन से पूछा है कि कितने पेड़ काटे गए और क्या इसके लिए वैध अनुमति ली गई थी। एक वरिष्ठ नागरिक की ईमेल शिकायत में आरोप है कि पास की ‘वुडविला’ संपत्ति में भारी मशीनों से खुदाई हुई, जिससे पुराने चीड़ के पेड़ों को नुकसान पहुंचा। शिकायत में दावा है कि 27 सितंबर को चार बड़े चीड़ के पेड़ काट दिए गए और उनकी जड़ों को भी खोदा गया। इससे आसपास के पेड़ों के गिरने का खतरा है। एसडीएम को अपनी जांच रिपोर्ट अदालत में देनी होगी। हाईकोर्ट ने साफ किया है कि अनुमति के दस्तावेज न मिलने पर कानूनी आदेश दिए जा सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। कसौली के पर्यावरण पर बड़ा सवाल
कसौली जैसे पहाड़ी और पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील पर्यटन क्षेत्र में भारी मशीनों से खुदाई और पुराने पेड़ों की कटाई का मामला केवल एक संपत्ति तक सीमित नहीं है। पहाड़ी ढलानों पर गहरी खुदाई से मिट्टी और पेड़ों की जड़ों पर असर पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में हाईकोर्ट के निर्देश को कसौली की हरियाली और पहाड़ी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मामले के तौर पर देखा जा रहा है।
अब आगे क्या?
SDM कसौली करेंगे मौके का औचक निरीक्षण
काटे गए पेड़ों और खुदाई की स्थिति की होगी जांच
निर्माण/कटाई की अनुमति के दस्तावेज खंगाले जाएंगे
हाईकोर्ट में दाखिल होगी स्वतंत्र स्टेटस रिपोर्ट
26 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
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कसौली में अवैध निर्माण और पेड़ कटाई की होगी जांच:SDM को जांच के निर्देश, चीड़-देवदार काटने का आरोप, अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को
