कार से नाका तोड़कर भागा, ड्राइवर सीट पर मिली किर्च:कोर्ट ने आर्म्स एक्ट में साल, लापरवाही से ड्राइविंग में छह माह की सजा सुनाई




मोहाली में नाका तोड़कर तेज रफ्तार में कार भगाने और गाड़ी में तेजधार हथियार रखने के मामले में अदालत ने आरोपी को सजा सुनाई है। अदालत ने खरड़ निवासी गौरव को दोषी करार दिया। अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत उसे 1 साल की सश्रम कैद और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में 6 महीने की कैद और 1 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को अतिरिक्त कैद भी भुगतनी होगी। अदालत ने आरोपी द्वारा हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है। पुलिस ने रुकने का इशारा किया, नाका तोड़कर भागा मामला 12 नवंबर 2020 का है। पुलिस टीम के साथ मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया में चेमा बॉयलर्स चौक और सेक्टर-7 लाइट पॉइंट के पास गश्त कर रहे थे। इसी दौरान एयरपोर्ट रोड-खरड़ की तरफ से सोहाना की ओर एक काले रंग की स्कॉडा लॉरा कार आती दिखाई दी। पुलिस के मुताबिक, कार तेज रफ्तार में थी। पुलिस टीम ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने कार की रफ्तार बढ़ा दी और नाका तोड़कर भाग गया। पुलिस टीम ने कार का पीछा किया। बाद में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी लाइट पॉइंट पर ट्रैफिक पुलिस की मदद से कार को रोक लिया गया। ड्राइवर सीट के नीचे मिली किर्च पुलिस ने कार की तलाशी ली तो ड्राइवर सीट के नीचे से एक तेजधार हथियार ‘किर्च’ बरामद हुई। आरोपी हथियार रखने का कोई लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका। कार की खिड़कियों पर काले शीशे भी लगे हुए थे। इसके बाद थाना फेज-1 मोहाली में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। बचाव पक्ष ने उठाए थे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस की रुक्का रिपोर्ट में घटना का समय सुबह 6:05 बजे लिखा गया है, जबकि अन्य दस्तावेजों में शाम 6:05 बजे का समय दर्ज है। वकील ने यह भी दलील दी कि तलाशी के दौरान किसी स्वतंत्र व्यक्ति को गवाह नहीं बनाया गया। अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि रुक्का रिपोर्ट में समय दर्ज करने में हुई गलती लिपिकीय चूक है। एफआईआर और अन्य दस्तावेजों से स्पष्ट है कि घटना शाम के समय हुई थी। कोर्ट ने स्वतंत्र गवाह नहीं होने की दलील भी नहीं मानी। अदालत ने कहा कि घटना अचानक हुई थी और पुलिस ने पीछा करके वाहन को रोका था। ऐसे में स्वतंत्र गवाह का मौके पर मौजूद न होना अभियोजन के मामले को कमजोर नहीं करता। आर्म्स एक्ट में 1 साल की कैद अदालत ने आरोपी गौरव मौर्या को धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत 1 साल की सश्रम कैद और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर 30 दिन की अतिरिक्त कैद होगी। वहीं, धारा 279 IPC के तहत 6 महीने की कैद और 1 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद होगी।



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