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कोलबेंदी में 16 दिनों तक होती है दुर्गा पूजा, 17वें दिन विसर्जन




पंचायतनामा बोकारो जिले के चास प्रखंड के कोलबेंदी पंचायत में 16 दिनों तक दुर्गा पूजा होती है। जिउतिया पर्व के पारण के दिन से पूजा शुरू होती है। रविवार को जिउतिया का पारण के दिन बुधन कलश स्थापना के साथ पूजा शुरू होगी। पूरे देश में 10 दिनों तक दुर्गा पूजा होती है, नो दिन नवरात्र और दसवें दिन विसर्जन की प्रथा है, लेकिन कोलबेंदी में 16 दिनों तक पूजा होती है और 17वें दिन विसर्जन होता है। बुधन कलश स्थापना और बकरा बलि देकर पूजा शुरू की जाती है। सप्तमी से यहां मूर्ति की पूजा शुरू होती है, जबकि पंचमी से नवमी तक लगातार बकरों की बलि दी जाती है। नवमी के दिन यहां दो सौ से ज्यादा भेड़, बकरों की बलि दी जाती है। यह मंदिर 355 साल से ज्यादा पुराना है। यह चास प्रखंड का प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। आसपास के हजारों लोग यहां पूजा अर्चना करने आते हैं। आसपास के गांवों का आस्था का केंद्र है मंदिर कोलबेंदी और आसपास के गांवों में यह मंदिर काफी लोकप्रिय है। यह मंदिर लोगों के आस्था का केंद्र है। विजया दशमी के दिन यहां मेला लगता है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मन्नत मांगने वाला कभी खाली हाथ नहीं लौटता। 355 साल पुराने इस मंदिर में जमीनदार किशन देव के वंशज ही पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते आ रहे हैं। वर्तमान में दीपक सिंह देव, अशोक सिंह देव, अरुण सिंह देव, प्रदीप सिंह देव, जगरनाथ सिंह देव, जन्मेजय सिंह देव आदि पूजा कमेटी में हैं। एक ही पटरा पर आठ देवी-देवताओं की प्रतिमा यहां के पूजा की खास बात यह है कि इस प्राचीन मंदिर में एक ही पटरा (लकड़ी का) पर आठ देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापित की जाती है। इनमें आराध्य की देवी मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश, कार्तिक, जया, विजया, महिषासुर के साथ-साथ देव देवी की वाहनों की मूर्ति होती है। इनकी पूजा सप्तमी के दिन शुरू होती है। सप्तमी के दिन सिंहदेव परिवार के लोग गाजे-बाजे के साथ इजरी नदी मां को डोली में लेकर मंदिर में आते हैं, इसके बाद मूर्ति पूजा शुरू होती है। पंचायत कोलबेंदी जनसंख्या 10000 कोलबेंदी गांव का 355 साल पुराना दुर्गा मंदिर। चौहद्दी देखें तो पूरब में मामरकुदर मोड़, पश्चिम में दुर्गापुर गांव, उत्तर में खमारबेंदी गांव, दक्षिण में बारपोखर गांव है। कनेक्टिविटी सभी तरह के वाहनों से आना-जाना होता है। जिला मुख्यालय से दूरी 12 किमी पहचान दुर्गा मंदिर साक्षरता दर 90 प्रतिशत



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