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खरगोन जिले में पिछले दो दिनों से हो रही रुक-रुककर तेज बारिश का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। कुंदा, वेदा सहित पहाड़ी नदियां उफान पर हैं, जबकि सतपुड़ा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध सिरवेल महादेव झरना विकराल रूप धारण कर चुका है। संभावित हादसों को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। वहीं, कुंदा नदी में आई बाढ़ के कारण शहर के कुछ हिस्सों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। 50 फीट ऊंचाई से गिर रहा पानी पीपलझोपा क्षेत्र स्थित सिरवेल महादेव मंदिर के सामने कुंदा नदी का पानी करीब 50 फीट की ऊंचाई से गिर रहा है। झरने का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पर्यटकों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। श्रावण माह में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस और पंचायत कर रही निगरानी भगवानपुरा थाना अंतर्गत पीपलझोपा चौकी पुलिस और ग्राम पंचायत के कोटवार लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे झरने और उफनती नदियों के आसपास जाने से बचें तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। 24 घंटे में औसतन 37 मिमी बारिश जिले में बीते 24 घंटों के दौरान औसतन 37 मिलीमीटर (करीब डेढ़ इंच) बारिश दर्ज की गई है। फिलहाल कई इलाकों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी है, लेकिन नदी-नालों का जलस्तर अब भी ऊंचा बना हुआ है। मटमैले पानी से जलापूर्ति प्रभावित लगातार बारिश के कारण कुंदा नदी का पानी अत्यधिक मटमैला हो गया है। इसका असर शहर के जल शोधन संयंत्र (ट्रीटमेंट प्लांट) पर पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार पानी की टर्बिडिटी 1600 तक पहुंच गई है, जिससे शुद्धिकरण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसी कारण जैतापुर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित रही, क्योंकि ट्रीटमेंट प्लांट के पंप अधिक समय तक संचालित नहीं किए जा सके। प्रशासन की अपील प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों, झरनों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
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खरगोन में बारिश का कहर,उफान पर कुंदा-वेदा नदियां:सिरवेल महादेव झरने पर पर्यटकों की एंट्री बंद,शहर की जलापूर्ति प्रभावित
