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खरगोन में 30 अगस्त को निकलने वाले सिद्धनाथ महादेव के शिवडोला की तैयारियां चल रही हैं। डोला मार्ग पर करीब 3 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में मार्ग के जर्जर मकानों से हादसे का खतरा बना हुआ है। कलेक्टर गुरु प्रसाद ने इन मकानों को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। शिवडोला मार्ग पर बारिश से पहले 28 जर्जर मकानों की पहचान की गई थी। इनमें से 16 मकान हटाए जा चुके हैं। करीब 10 मकान अब भी खड़े हैं। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि मकान मालिकों को लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। बारिश के बाद बाकी मकानों पर भी कार्रवाई की जाएगी। किला गेट क्षेत्र में एक बर्तन की दुकान और सराफा बाजार मार्ग पर एक पुरानी फुटवियर दुकान भी अब तक नहीं हटाई गई है। इससे पहले नगर पालिका के स्वास्थ्य प्रभारी अधिकारी प्रकाश चित्ते के नेतृत्व में राजस्व टीम ने किला गेट और भावसार मोहल्ले से 10 मकान हटाए थे। मानव अधिकार आयोग के प्रतिनिधि ने उठाए सवाल मानव अधिकार आयोग के प्रतिनिधि अधिवक्ता बसंत सोनी ने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन जर्जर मकानों को नहीं हटा रहा है। इससे लोगों की जान जोखिम में है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मकान मालिकों के दबाव में अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। शिवडोला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अधूरी कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। नगर पालिका बोली- कार्रवाई जारी रहेगी स्वास्थ्य प्रभारी अधिकारी प्रकाश चित्ते ने कहा कि जर्जर मकानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। बाकी मकानों को भी जल्द हटाया जाएगा।
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खरगोन में शिवडोला से पहले 10 जर्जर मकान नहीं हटे:3 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ में हादसे का खतरा, अफसरों पर दबाव का आरोप
