गुरुग्राम की पॉश कॉलोनियों में फिर चलेगा सीलिंग-तोड़फोड़ अभियान:डीटीपीई ने दी चेतावनी-अवैध पीजी और गेस्ट हाउस में रह रहे लोग खाली करें




गुरुग्राम में अवैध निर्माण और नियमों को ताक पर रखकर चल रहे कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ एक बार फिर जिला योजनाकार का बुलडोजर चलेगा। इन्फोर्समेंट विंग के डीटीपीई अमित मधोलिया अगले सप्ताह से शहर की कई वीआईपी और पॉश कॉलोनियों में दोबारा सीलिंग और तोड़फोड़ का एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इस अभियान की शुरुआत सबसे पहले डीएलएफ फेज-3 इलाके से की जाएगी, जहां बड़े पैमाने पर अवैध पीजी और गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं। विभाग की इस सख्त चेतावनी के बाद से ही अवैध निर्माणकर्ताओं और बिना अनुमति कमर्शियल गतिविधियां चलाने वाले मकान मालिकों में हड़कंप मच गया है। अवैध पीजी और गेस्ट हाउस में रह रहे लोगों से खाली करने की अपील
डीटीपीई अमित मधोलिया ने बताया कि जिन लोगों ने अपने रिहायशी मकानों में बिना अनुमति के पीजी और गेस्ट हाउस बना रखे हैं, वे तुरंत इन्हें बंद कर दें। विभाग ने इन अवैध पीजी और गेस्ट हाउस में रह रहे कामकाजी युवाओं और छात्रों से भी अपील की है कि वे समय रहते इन जगहों को खाली कर दें और अपने रहने के लिए कोई दूसरा वैध ठिकाना ढूंढ लें। कॉर्पोरेट कर्मियों को हो सकती है परेशानी अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान जब इन इमारतों को सील किया जाएगा या तोड़ा जाएगा, तो वहां रह रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए लोग पहले ही वहां से हट जाएं। डीएलएफ-3 के अलावा दूसरी पॉश कॉलोनियों में कार्रवाई
विभागीय योजना के अनुसार, यह तोड़फोड़ और सीलिंग अभियान केवल डीएलएफ फेज-3 तक ही सीमित नहीं रहेगा। अगले सप्ताह के दौरान शहर की कई अन्य प्रमुख और लाइसेंसी कॉलोनियों में भी इन्फोर्समेंट विंग की टीमें भारी पुलिस बल के साथ उतरेंगी। विभाग ने उन कॉलोनियों की सूची तैयार कर ली है जहां बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन पाया गया है। रेजिडेंट्स में रोष बना बड़े पैमाने पर सीलिंग और तोड़फोड़ अभियान के बाद स्थानीय रेजिडेंट्स और आरडब्ल्यूए ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन पॉश कॉलोनियों के निवासियों में भारी नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन के इस फैसले का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया है। रेजिडेंट्स का कहना है कि विभाग द्वारा अचानक इस तरह की कार्रवाई करने से कॉलोनियों में डर का माहौल बन गया है। खासकर उन घरों के मालिकों को बड़ी चिंता सता रही है जिन्होंने छोटे-मोटे बदलाव किए हैं। लोगों का तर्क है कि प्रशासन को सीलिंग या तोड़फोड़ का डंडा चलाने से पहले मकान मालिकों को अपनी बात रखने का पूरा मौका देना चाहिए और जरूरी सुधार के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के मुताबिक, बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई से कई परिवारों और वहां रह रहे किरायेदारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा। तोड़फोड़ रोकने के कोई आदेश नहीं
डीटीपीई अमित मधोलिया ने कहा कि विभाग किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगा। जिन मकान मालिकों को पहले नोटिस दिए जा चुके हैं और फिर भी उन्होंने अवैध निर्माण नहीं हटाए, उनके खिलाफ अब सीधे कार्रवाई होगी। इस अभियान के दौरान न केवल इमारतों को सील किया जाएगा, बल्कि अवैध रूप से बनाई गई मंजिलों और ढांचों को गिराया जाएगा।



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