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गुरुग्राम में इंद्रप्रस्थ गैस ने बढ़ाए सीएनजी के रेट:प्रति किग्रा ₹3.89 का इजाफा किया, ऑटो और टैक्सी का सफर हो सकता है महंगा




प्रमुख गैस वितरक कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने दिल्ली के साथ गुरुग्राम में भी कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी द्वारा बढ़ाए गए दाम आज सुबह छह बजे से प्रभावी हो गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद अब गुरुग्राम में सीएनजी की कीमत 92.01 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। कीमतों में हुई इस अचानक वृद्धि का सीधा और सबसे बड़ा असर मध्यमवर्गीय परिवारों, सीएनजी कार मालिकों, ऑटो रिक्शा चालकों और ओला-उबर जैसी ऐप आधारित टैक्सी चलाने वाले चालकों पर पड़ेगा। सुबह पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों पर पहुंचे वाहन चालकों को नई दरों ने तगड़ा झटका दिया है। गुरुग्राम की सड़कों पर रोजाना हजारों की संख्या में सीएनजी आधारित वाणिज्यिक वाहन दौड़ते हैं। ईंधन के दाम बढ़ने से इन चालकों का दैनिक खर्च सीधे तौर पर बढ़ जाएगा। आमजन पर तीन तरफ से बोझ बढ़ेगा………….. किराया बढ़ने की आशंका: सीएनजी के दाम बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में स्थानीय ऑटो यूनियनों और टैक्सी यूनियनों द्वारा न्यूनतम किराए में बढ़ोतरी की मांग उठना तय है। कैब चालकों का कहना है कि वे पहले से ही कम मार्जिन पर काम कर रहे थे, और अब गैस महंगी होने से उनके पास किराया बढ़ाने या बुकिंग पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। सब्जियों और आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई महंगी: शहर के भीतर फल, सब्जियां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने वाले छोटे हल्के वाणिज्यिक वाहन भी बड़ी संख्या में सीएनजी पर चलते हैं। इस बढ़ोतरी से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आने वाले समय में खुदरा बाजार की कीमतों पर दिख सकता है। रोजाना 100 रुपए का अतिरिक्त बोझ: लोगों का कहना है कि पहले पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में काफी अंतर होता था, लेकिन अब यह बराबर होने वाला है। कम होता अंतर अब उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है। रोजाना 70 से 100 रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए बढ़े सीएनजी के दाम इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे अंतर्राष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को मुख्य कारण बताया है। कंपनी के आधिकारिक बयान के अनुसार, सीएनजी के लिए इस्तेमाल होने वाली गैस का एक बड़ा हिस्सा आयातित लिक्विफाइड नेचुरल गैस के जरिए पूरा किया जाता है। पश्चिमी एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक संघर्षों की वजह से अंतर्राष्ट्रीय स्पॉट बाजार में एलएनजी की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके साथ ही यूरोपीय देशों में आगामी सर्दियों की मांग बढ़ने और सप्लाई में रूकावट आने के कारण इनपुट लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। कंपनी का कहना है कि लागत में आई इस भारी वृद्धि के बोझ को आंशिक रूप से कम करने के लिए कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलो का संशोधन करना बेहद जरूरी हो गया था।



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