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चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकीदास की 13 जून 2026 को दिनदहाड़े हुई हत्या को एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन परिवार अब भी इंसाफ का इंतजार कर रहा है। मृतक की पत्नी हिना का आरोप है कि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मिलकर न्याय की गुहार लगाने के बाद भी चंडीगढ़ पुलिस का कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया। न ही अब तक उन्हें यह बताया गया कि जांच कहां तक पहुंची है और हत्या की असली वजह क्या है। हिना ने कहा कि वह एक बार फिर प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मिलेंगी और उन्हें बताएंगी कि पुलिस अब तक परिवार को मामले की कोई जानकारी नहीं दे रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिस का यह फर्ज नहीं बनता कि पीड़ित परिवार को जांच की प्रगति और कार्रवाई की जानकारी दे। उन्होंने कहा कि उनका परिवार केवल इंसाफ चाहता है और चाहता है कि हत्या की पूरी सच्चाई सामने आए। मुस्तैदी दिखाती तो कानूनी का डर होता हिना ने कहा कि पुलिस अपनी मनमर्जी से जांच कर रही है। अगर पुलिस समय पर मुस्तैदी दिखाती और अपराधियों में कानून का डर होता तो मुख्य सड़क पर, पुलिस नाके से कुछ ही दूरी पर कोई दिनदहाड़े गोली चलाने की हिम्मत नहीं करता। उन्होंने कहा कि जहां सख्ती दिखाने की जरूरत थी, वहां पुलिस पूरी तरह नाकाम रही। हिना ने कहा कि पति की हत्या के बाद से आज तक पुलिस ने उन्हें केस की जांच के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि आखिर जानकीदास की हत्या क्यों की गई। उन्होंने कहा कि हत्या में इस्तेमाल हथियार भी अब तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस यह तक नहीं बता पा रही कि जांच किस दिशा में चल रही है। पति की किसी से दुश्मनी नहीं थी हिना का कहना है कि उनके पति का किसी से कोई विवाद नहीं था। उन्हें कभी किसी तरह की धमकी नहीं मिली और न ही किसी से लड़ाई-झगड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि यदि किसी की किसी से दुश्मनी हो सकती थी तो वह मेडिकल स्टोर के मालिक की हो सकती है, लेकिन उनके पति का किसी विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। इसके बावजूद उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया गया। हिना ने श्री कुमार मेडिकल स्टोर के मालिक पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस दुकान पर उनके पति वर्षों से काम करते थे, उसके मालिक ने आज तक परिवार का हालचाल तक नहीं पूछा। वह न अंतिम संस्कार में पहुंचे, न कोई फोन किया और न ही घर आकर परिवार से मिले। हिना ने बताया कि वह खुद पीजीआई में ठेके पर काम करती हैं और चंडीगढ़ में ही रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद दुकान मालिक ने उनसे मिलने की जरूरत तक नहीं समझी। मृत कैशियर की पत्नी ने क्या-क्या कहा… गैंगस्टर की धमकी आज तक नहीं आई: मीडिया से बातचीत में हिना ने कहा- मेरे पति जानकी दास का किसी से कोई विवाद नहीं था। न तो उनकी किसी से दुश्मनी थी और न ही उन्हें कभी किसी गैंगस्टर की धमकी मिली थी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उनकी हत्या क्यों की गई? पुलिस ने केवल इतना बताया कि गिरफ्तार शूटरों ने पूछताछ में कहा है कि वे जानकी दास को पहले से नहीं जानते थे और उन्होंने उन्हें कभी देखा भी नहीं था। उन्हें केवल इतना बताया गया था कि मेडिकल स्टोर के काउंटर पर भारी शरीर वाला और कम बालों वाला व्यक्ति बैठा होगा। इसी हुलिये के आधार पर उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस सवालों के जवाब नहीं दे सकी: कैशियर की पत्नी ने कहा- पुलिस दावा कर रही है कि शूटर पकड़े जा चुके हैं तो पुलिस बताए कि यदि शूटर मेरे पति को जानते ही नहीं थे, तो यह साफ होना चाहिए कि उनका असली निशाना कौन था? क्या मेरे पति गलत पहचान का शिकार हुए या फिर हत्या के पीछे कोई और वजह थी? इन सवालों का जवाब आज तक पुलिस नहीं दे सकी है। पुलिस की ओर से निराशा हाथ लगी: हिना ने कहा कि उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस की कार्यशैली के बारे में हमेशा अच्छी बातें सुनी थीं, लेकिन जब उनके अपने परिवार पर संकट आया तो उन्हें निराशा हाथ लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिनदहाड़े बाजार में दुकान के अंदर उनके पति की हत्या कर दी गई और वारदात के बाद शूटर काफी देर तक शहर में घूमते रहे, लेकिन पुलिस उन्हें समय रहते पकड़ नहीं सकी। हत्या में इस्तेमाल पिस्टल बरामद नहीं हुई पुलिस अब तक कैशियर जानकी दास हत्याकांड में इस्तेमाल जिगाना और .32 बोर की पिस्टल बरामद नहीं कर सकी है। मुख्य आरोपी अमित को प्रोडक्शन वारंट पर जम्मू-कश्मीर से चंडीगढ़ लाकर पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन हथियारों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला। इससे पहले पुलिस आर्यन और सनी मेहरा को भी जम्मू से गिरफ्तार कर चंडीगढ़ लाई थी। सूत्रों के मुताबिक, वारदात के बाद दोनों शूटर करीब 50 मिनट तक चंडीगढ़ में घूमते रहे। इस दौरान वे पहले कजहेड़ी पहुंचे, जहां एक दुकान पर उन्होंने कपड़े बदले। इसके बाद दोनों सेक्टर-43 बस स्टैंड के साथ लगते जंगल में पहुंचे और हत्या में इस्तेमाल की गई जिगाना तथा .32 बोर की पिस्टल वहां छिपा दी। बताया जा रहा है कि हथियार छिपाने के बाद मुख्य आरोपी अमित ने उस स्थान का वीडियो बनाया और उसे गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों को भेजा। समय पर तलाशी होती तो मिलते हथियार मृतक की पत्नी हिना का कहना है कि वारदात के बाद यदि सेक्टर-43 बस स्टैंड के पास जंगल और आसपास के इलाके में तुरंत तलाशी अभियान चलाया जाता, तो हत्या में इस्तेमाल दोनों पिस्तौल पुलिस के कब्जे में आ सकती थीं। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अमित ने जंगल में हथियार छिपाने के बाद वहां का वीडियो रिकॉर्ड कर गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों को भेजा था। आरोप है कि इसके बाद गोल्डी ढिल्लों ने अपने अन्य गुर्गों को भेजकर वहां से दोनों पिस्तौल निकलवा लीं। इसी कारण पुलिस के हाथ अब तक हत्या में इस्तेमाल हथियार नहीं लग सके हैं।
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चंडीगढ़ कैशियर मर्डर, पत्नी बोली- पुलिस नहीं बता रही सच:प्रशासक कटारिया से फिर मिलेगी, पुलिस मनमर्जी कर रही, टारगेट कौन था
