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चंडीगढ़ के चर्चित जानकी दास हत्याकांड में पुलिस की चार्जशीट को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने विदेश में बैठे गैंगस्टर राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं किया है। जबकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शुरुआत से ही यह कहते रहे हैं कि जानकीदास की हत्या इनके कहने पर कराई गई थी। अब चार्जशीट में दोनों के नाम नहीं होने से जांच के इस पहलू पर सवाल उठ रहे हैं। चार्जशीट में शामिल आरोपियों में से सन्नी के कबूलनामे के अनुसार, हत्या की साजिश की कड़ी जम्मू की जेल से जुड़ती है। सन्नी ने बताया कि अमित उर्फ शराबी ने उसे बताया था कि उसका दोस्त रोहित उर्फ मक्खन जम्मू की आमफला जेल में बंद है और वह चंडीगढ़ में बड़ा काम करवाना चाहता है। इसके बदले मोटी रकम देने की बात कही गई थी। जम्मू की जेल में बंद रोहित से मिली हत्या की सुपारी सन्नी के अनुसार, अमित उर्फ शराबी ने उसे बताया कि रोहित उर्फ मक्खन जम्मू की आमफला जेल में बंद है। रोहित चंडीगढ़ में एक बड़ा काम करवाना चाहता था। इसके लिए आरोपियों को मोटी रकम देने की बात कही गई। इसके बाद सन्नी और उसके साथी गोल्डी ढिल्लों के निर्देश पर जालंधर पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात सरपंच नाम के व्यक्ति से हुई। सन्नी के कबूलनामे के मुताबिक, जालंधर में सरपंच से मुलाकात के बाद वे अमृतसर होते हुए तरनतारन पहुंचे। वहां खान नाम के व्यक्ति ने उन्हें हथियार और पैसे दिए। खान ने उन्हें एक जिगाना पिस्टल, एक .30 बोर पिस्टल और 50 हजार रुपए दिए। इसके बाद आरोपी टैक्सी से चंडीगढ़ पहुंचे। हथियार लेकर चंडीगढ़ आकर वारदात को दिया अंजाम सन्नी के अनुसार, तरनतारन में खान नाम के व्यक्ति से हथियार और 50 हजार रुपए मिलने के बाद वे वहां से टैक्सी लेकर चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए। उनके पास एक जिगाना पिस्टल और एक .30 बोर पिस्टल थी। सन्नी के बयान के मुताबिक, हथियार और पैसे मिलने के बाद उनका अगला ठिकाना चंडीगढ़ था, जहां उन्हें जानकीदास की हत्या की वारदात को अंजाम देना था। सन्नी के अनुसार, चंडीगढ़ पहुंचने के बाद आरोपियों ने तय योजना के मुताबिक जानकीदास को निशाना बनाया और उसकी हत्या कर दी। पुलिस की जांच में सामने आए इस बयान के मुताबिक, वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे पहले से संपर्क और तैयारी की कड़ी थी। पूरे घटनाक्रम को जोड़ने पर इसकी शुरुआत जम्मू की आमफला जेल से होती है। सन्नी के अनुसार, जम्मू जेल में बंद रोहित उर्फ मक्खन ने चंडीगढ़ में बड़ा काम करवाने की बात कही थी। इसके बाद अमित उर्फ शराबी के जरिए यह बात सन्नी तक पहुंची। आगे आरोपियों को जालंधर भेजा गया, जहां सरपंच नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई। वहां से वे अमृतसर होते हुए तरनतारन पहुंचे। तरनतारन में खान नाम के व्यक्ति से हथियार और नकदी मिलने के बाद वे टैक्सी से चंडीगढ़ पहुंचे। इस तरह पुलिस की जांच में सामने आए सन्नी के बयान के अनुसार, जम्मू की जेल से शुरू हुई यह कड़ी जालंधर, अमृतसर और तरनतारन से होते हुए चंडीगढ़ तक पहुंची और इसके बाद जानकीदास की हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, यह पूरा घटनाक्रम सन्नी के पुलिस को दिए बयान पर आधारित है। बयान में जिन लोगों की भूमिका का जिक्र है, उनकी भूमिका और दावों की पुष्टि जांच व अदालत की कार्यवाही के आधार पर होगी। पुलिस अधिकारियों के पुराने दावों से चार्जशीट का एंगल अलग इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शुरुआत से ही राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों को हत्या की साजिश से जोड़ते रहे थे। पुलिस की ओर से पहले यह कहा जाता रहा कि विदेश में बैठे गैंगस्टरों के इशारे पर जानकीदास की हत्या कराई गई। इसके बावजूद अब चार्जशीट में राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इससे पुलिस के शुरुआती दावों और चार्जशीट में सामने आई कहानी के बीच अंतर दिखाई देता है। चार्जशीट में शामिल आरोपियों के बयानों के आधार पर हत्या की कड़ी जम्मू की जेल, जालंधर और तरनतारन से होते हुए चंडीगढ़ तक पहुंचती है। अब सवाल यह है कि जिन गैंगस्टरों के नाम पुलिस अधिकारियों ने शुरुआत में प्रमुखता से लिए थे, उनके खिलाफ चार्जशीट में कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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चंडीगढ़ कैशियर मर्डर- राणा और गोल्डी ढिल्लों चार्जशीट से बाहर:पुलिस पहले बोली कनेक्शन, जम्मू की जेल में बंद रोहित के जरिए मिली सुपारी
