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चंडीगढ़ में नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध कमेटी (FCC) की बुधवार को हुई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव को लेकर मेयर सौरभ जोशी और पार्षदों ने अधिकारियों से जवाब मांगा। वहीं, विकास कार्यों के प्रस्ताव एजेंडे में शामिल नहीं किए जाने पर पार्षद हरजीत सिंह ने विरोध जताते हुए बैठक से वॉकआउट कर दिया। उनके समर्थन में अन्य पार्षद भी बाहर निकल गए। हालात बिगड़ते देख बैठक को जीरो आवर में ही स्थगित करना पड़ा। इसके चलते एजेंडे में शामिल 13 प्रस्तावों में से किसी एक पर भी चर्चा नहीं हो सकी। दो घंटे की बारिश में शहर डूबा तो अफसरों से मांगा जवाब बैठक की शुरुआत से ही शहर में जलभराव का मुद्दा छाया रहा। मेयर और पार्षदों ने अधिकारियों से सवाल किया कि करोड़ों रुपये खर्च करने और पर्याप्त मैनपावर होने के बावजूद बारिश के बाद शहर में जलभराव की स्थिति क्यों बनी। पार्षदों ने कई इलाकों में सड़कों के धंसने और बेसमेंट में पानी भरने का मुद्दा भी उठाया। विकास प्रस्ताव नहीं आए तो पार्षद ने छोड़ी बैठक पार्षद हरजीत सिंह ने विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव एजेंडे में नहीं होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने गांवों में लाल डोरा से बाहर रहने वाले लोगों को पानी के कनेक्शन नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। विरोध में वह बैठक से बाहर चले गए। उनके समर्थन में अन्य पार्षद भी बाहर निकल गए। इसके बाद बैठक आगे नहीं चल सकी और इसे स्थगित कर दिया गया। धनास में CCTV पर भी सवाल बैठक में पार्षद कंवरजीत राणा ने धनास में लगाए जा रहे CCTV कैमरों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि बिना स्पष्ट नीति के कैमरे लगाने का फैसला कैसे लिया गया? उन्होंने अधिकारियों से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
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चंडीगढ़ में जलभराव पर नगर निगम में हंगामा:FCC बैठक में पार्षदों ने अफसरों को घेरा, एजेंडा न मिलने पर वॉकआउट; 13 प्रस्तावों पर चर्चा तक नहीं
