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चंडीगढ़ में IED बरामदगी पर NIA नही दी सूचना:पाकिस्तान से तार जुडने का दावा, एक दिन पहले FIR, कार्यशैली पर उठे सवाल




चंडीगढ़ सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे आईईडी और विस्फोटक सामग्री बरामद होने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि तरनतारन के रहने वाले लवप्रीत सिंह और जसनप्रीत सिंह उर्फ जसनदीप विदेश में बैठे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े लोगों के संपर्क में थे। पुलिस ने दोनों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके बावजूद इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सूचना देकर मौके पर नहीं बुलाया गया। जबकि ऐसे मामले में एनआईए को बुलाया जाता रहा है। इससे पहले सेक्टर-10 में ग्रेनेड विस्फोट हुआ था और उसके तार बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी हैप्पी पसीहा से जुडे थे। इस मामले में थी पकडे गए आरोपियों के तार बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से ही जुडे़ होने की बात पुलिस बोल रही है। पुलिस ने 22 अगस्त को ही सेक्टर-36 थाने में एफआईआर नंबर 143 एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली थी और अगले दिन रविवार को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आतंकी साजिश से जुड़े इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी को सूचना क्यों नहीं दी गई। अब जानिए कार्रवाई पर क्या सवाल उठ रहे ….. 22 अगस्त को एफआईआर, 23 को गिरफ्तारी: पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को उसे सूचना मिली थी कि दो युवक विदेश में बैठे आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों के संपर्क में हैं और उनके पास विस्फोटक सामग्री है। इसी आधार पर सेक्टर-36 थाने में एफआईआर दर्ज की गई। अगले दिन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। करीब 6 किलो विस्फोटक बरामद: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 6 किलो जिलेटिन की छड़ें, डेटोनेटर, पावर सोर्स, दूर से संचालित होने वाला उपकरण, पिस्टल, मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया है। पुलिस खुद बता रही आतंकी कनेक्शन: पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी बब्बर खालसा इंटरनेशनल के जमीनी नेटवर्क से जुड़े हैं और विदेश में बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। ऐसे में सवाल है कि एनआईए को मामले की सूचना क्यों नहीं दी गई। डीएसपी बोले- हमारी टीम सक्षम: जब डीएसपी ऑपरेशन सेल रणजोत सिंह से एनआईए को सूचना नहीं देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास अपनी टीम है और टीम सक्षम है। इसलिए एनआईए को सूचना देने की जरूरत नहीं पड़ी। सोमवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित: सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस ने सोमवार को मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की तैयारी की थी। बाद में इसे स्थगित कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में दो बार प्रेस नोट जारी किए। अब जानिए… सेक्टर-43 का जंगल क्यों सवालों में सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे का जंगल पहले भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहा है। यहां ऑपरेशन सेल की कार्रवाई में एक बार एनकाउंटर होने और अब आईईडी बरामद होने का दावा किया गया है। बस स्टैंड से कुछ ही दूरी पर पुलिस चौकी भी है और वहां इंस्पेक्टर तैनात है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी गतिविधि की भनक पुलिस चौकी तक क्यों नहीं लगी। इन घटनाओं के बावजूद चंडीगढ़ पुलिस की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन को इन जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कोई पत्र नहीं लिखा गया है। एनकाउंटर वाली जगहों पर सीसीटीवी नहीं चंडीगढ़ पुलिस के चर्चित एनकाउंटर और विस्फोटक बरामदगी के मामलों को लेकर भी सीसीटीवी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सेक्टर-43 बस स्टैंड का जंगल: यहां ऑपरेशन सेल की दो बड़ी कार्रवाइयों का दावा किया गया है। एक बार एनकाउंटर और अब आईईडी बरामद होने की बात सामने आई है। सेक्टर-39 जीरी मंडी: यहां भी एक बार एनकाउंटर और एक बार आरडीएक्स मिला था। जिसके बाद वहां पर सेना को बुलाया गया था। सेक्टर-25 रैली ग्राउंड: यहां हुए एनकाउंटर को लेकर भी सीसीटीवी कैमरों की कमी पर सवाल उठे हैं। डीआईजी बोले जांच होगी मामले को लेकर चंडीगढ़ पुलिस के डीआईजी राजीव रंजन से सवाल किए गए। उनसे पूछा गया कि जिन जगहों पर पहले पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर हुए, वहां सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाए गए। डीआईजी ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।



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