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नेऊरा-बिहटा रेलखंड पर चलती ट्रेन में एक युवक से लूटपाट और ट्रेन से फेंक कर हत्या के मामले में रेल पुलिस की भूमिका संदिग्ध घेरे में आ गई है। मृतक कैलाश कुमार के परिजनों द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों के बाद पुलिस के उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामला तूल पकड़ते ही रेल एएसपी भास्कर रंजन ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। गुरुवार को रेल एएसपी भास्कर रंजन ने घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। एफएसएल की टीम ने रेलवे ट्रैक पर पड़े खून के नमूनों को जब्त किया और बारीकी से साक्ष्य जुटाए। अपराधियों के सुराग के लिए रेल पुलिस अब बक्सर, बिहिया, आरा, बिहटा, दानापुर और पटना जंक्शन समेत पूरे रूट के स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। आरोप : एसटीएफ बनकर आए थे बदमाश
मृतक के परिजनों का दावा है कि कैलाश बक्सर से पटना आ रहा था। सफर के दौरान ट्रेन में कुछ बदमाशों ने खुद को एसटीएफ अधिकारी बताकर उससे लूटपाट शुरू कर दी। जब कैलाश ने इसका विरोध किया, तो बदमाशों ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। जीआरपी की कार्यशैली पर उठे 2 बड़े सवाल घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे मामले की जानकारी ली गई है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं, परिजनों द्वारा जीआरपी द्वारा 72 घंटे से पहले अंतिम संस्कार किए जाने के आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है।
-भास्कर रंजन, रेल एएसपी
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चलती ट्रेन में लूट और हत्या:रेल एएसपी ने घटना की जांच की, बक्सर से पटना तक के सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
