![]()
छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच वोटों के अंतर की तुलना SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में हुई कमी से की है। मोहम्मद अकबर ने इस आधार पर निर्वाचन आयोग से पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की है। पूर्व मंत्री अकबर के मुताबिक, 2023 के विधानसभा चुनाव में दोनों प्रमुख दलों के कुल मतों का अंतर 6 लाख 32 हजार 382 था। वहीं, SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची में 24 लाख 99 हजार 823 मतदाताओं की कमी दर्ज हुई। उनका कहना है कि यह संख्या चुनावी मत अंतर से करीब चार गुना है। 21 फरवरी को सूची जारी हुई मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के मुताबिक, SIR के बाद 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की गई। इसमें कुल 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 मतदाता दर्ज हैं। गणना के दौरान 19 लाख 13 हजार 540 मतदाता ऐसे मिले, जो दूसरे स्थान पर जा चुके थे या अपने पते पर मौजूद नहीं थे। इसके अलावा 6 लाख 42 हजार 234 मृत मतदाताओं के नाम और 1 लाख 79 हजार 43 ऐसे मतदाताओं के नाम मिले, जिनका पंजीयन एक से ज्यादा जगह पर था। 19 लाख मतदाताओं की समीक्षा की मांग कांग्रेस नेता ने कहा कि शिफ्टेड या अनुपस्थित श्रेणी में शामिल मतदाता रोजगार, शिक्षा या अन्य कारणों से अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले हो सकते हैं। उन्होंने ऐसे मतदाताओं के मामलों की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि जिन पात्र मतदाताओं को नाम हटाए जाने से पहले अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला, उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए। निर्वाचन विभाग के मुताबिक SIR में दावे-आपत्तियां 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक ली गईं और प्राप्त दावे-आपत्तियों के निराकरण के बाद अंतिम सूची प्रकाशित की गई। कांग्रेस नेता अकबर ने कहा कि पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में बनाए रखना निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
Source link
छत्तीसगढ़ में SIR प्रक्रिया…कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग को घेरा:मोहम्मद अकबर बोले चुनाव हार-जीत में कम अंतर,19.13 लाख मतदाता शिफ्टेड या अनुपस्थित मिले
