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छह महीने में अंचल कार्यालय के 210 मामले पहुंचे उपायुक्त के जनता दरबार, सुनवाई हुई



भास्कर न्यूज | गढ़वा जिले में लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से अंचल कार्यालयों और थाना स्तर पर महीने में दो बार 15 और 30 तारीख को आयोजित होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से जून 2026 के बीच अंचल और थाना से जुड़े 210 मामले सीधे समाहरणालय में उपायुक्त की जनसुनवाई तक पहुंच गए। यह स्थिति तब है, जब उपायुक्त की ओर से महीने में दो बार थाना दिवस और अंचल कार्यालयों में जनसुनवाई आयोजित कर स्थानीय स्तर पर शिकायतों के निष्पादन का निर्देश दिया गया है। समाहरणालय में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है। बावजूद इसके भूमि विवाद, अवैध कब्जा, ऑनलाइन रसीद, पुस्तैनी जमीन का बंटवारा, आम रास्ता, एक ही जमीन की दो बार बिक्री, निबंधित भूमि का म्यूटेशन, भूमि की मापी, फसल की जबरन कटाई, भूमि अधिग्रहण के लंबित मुआवजे सहित कई मामले लगातार उपायुक्त कार्यालय तक पहुंच रहे हैं। जून में जनता दरबार में आए 80 आवेदन : आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी में 26, फरवरी में 22, मार्च में 10, अप्रैल में 17, मई में 55 और जून में सर्वाधिक 80 आवेदन उपायुक्त की जनसुनवाई में प्राप्त हुए। जून में शिकायतों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि स्थानीय स्तर पर शिकायतों के प्रभावी निष्पादन पर सवाल खड़े कर रही है। इधर मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित उपायुक्त की जनसुनवाई में भी 55 नए आवेदन प्राप्त हुए। इनमें राशन कार्ड, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, प्रधानमंत्री आवास, मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन और बकाया मजदूरी भुगतान से जुड़े मामले प्रमुख रहे। धुरकी प्रखंड के शिवरी गांव निवासी सुजंती देवी ने 15 माह से लंबित मानदेय भुगतान की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से राजकीय प्राथमिक विद्यालय शिवरी में रसोइया के रूप में कार्यरत हैं, लेकिन पिछले 15 महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। रंका में सफाई कर्मी का आठ साल से नहीं हो सका भुगतान : वहीं रंका अंचल कार्यालय में कार्यरत सफाईकर्मी विकास कुमार चंद्रवंशी ने अगस्त 2018 से जनवरी 2019 तक के बकाया पारिश्रमिक के भुगतान की मांग की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी उपायुक्त के समक्ष आवेदन दिया था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका। रमना प्रखंड के कर्णपुरा गांव की प्रभावती देवी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि पिछले कुछ महीनों से बंद होने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पूर्व में नियमित भुगतान मिल रहा था, लेकिन बिना किसी सूचना के किस्त आनी बंद हो गई। भवनाथपुर प्रखंड के मकरी गांव निवासी सुनीता देवी ने जमीन खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि भूमि विक्रेता को पूरी राशि का भुगतान करने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्का कर्मचारी सुमित कुमार देव, उनके रिश्तेदार सुचित कुमार साह तथा भूमि विक्रेता कसमुद्दीन अंसारी की मिलीभगत से उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। लगातार बढ़ रही शिकायतों से स्पष्ट है कि अंचल और थाना स्तर पर जनसुनवाई की व्यवस्था प्रभावी साबित नहीं हो रही है। बीच में कार्यक्रम बंद था अब फिर चालू होगा : उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने बताया कि थाना दिवस व अंचल दिवस कार्यक्रम बीच में बंद हो गया था। जून महीने से पुन: शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इसमें ज्यादातर मामले अंचल कार्यालय से संबंधित और रयैती भूमि से संबंधित रहता है। पदाधिकारियों को भूमि से संबंधित मामलों को त्वरित गति से समाधान करने का निर्देश दिया गया है।



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