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रीवा में गर्भवती कल्पना मिश्रा और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई के बीच अब कांग्रेस के अंदर ही सियासी खींचतान सामने आ गई है। दो डॉक्टर और दो नर्स निलंबित हो चुके हैं। मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। अब विधायक अभय मिश्रा ने महापौर अजय मिश्रा बाबा के धरने पर बैठने की बात कही है। इसके बाद विधायक और जिला कांग्रेस संगठन की ओर से अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस हुईं। जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा जरूरत पड़ी तो अभय मिश्रा जी को भी साथ में धरने पर बैठाएंगे। पहले अस्पताल की कार्रवाई, फिर सियासत तेज
कल्पना मिश्रा को सर्जरी के लिए गांधी स्मारक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए। मामले में अब तक दो स्टाफ नर्स और दो डॉक्टरों को निलंबित किया जा चुका है। कार्रवाई के बावजूद विवाद थमा नहीं है। मौत से पहले का वीडियो बना बड़ा मुद्दा
मामले में कल्पना मिश्रा का मौत से पहले का वीडियो सामने आया था। इसमें वह अस्पताल की व्यवस्था को लेकर आशंकित नजर आई थीं। वीडियो में उन्होंने इलाज को लेकर चिंता जताई थी। उनके बयान के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों के भरोसे को लेकर सवाल उठे। इसके बाद अस्पताल अधीक्षक का एक विवादित वीडियो/बयान भी सामने आया। इससे मामला और तूल पकड़ गया। प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता उठा चुके हैं सवाल
मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी सरकार से सवाल कर चुके हैं। इसी बीच अब रीवा कांग्रेस में आंदोलन की रणनीति को लेकर मतभेद सामने आए हैं। अभय मिश्रा बोले- महापौर को धरने पर बैठना चाहिए
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि महापौर अजय मिश्रा बाबा इस मामले में धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहना चाहिए। उनके मुताबिक महापौर रीवा के प्रथम नागरिक हैं। इसलिए उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। अभय मिश्रा ने यह भी कहा कि अगले विधानसभा चुनाव के लिए रीवा से उनकी दावेदारी है। ऐसे में जनता से जुड़े इस गंभीर मामले में उन्हें आगे आना चाहिए। विधायक के बयान के बाद कांग्रेस में दो प्रेस कॉन्फ्रेंस
अभय मिश्रा के बयान के बाद कांग्रेस में अलग-अलग प्रेस वार्ताएं हुईं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस विधायक अभय मिश्रा की ओर से बुलाई गई। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा और महापौर अजय मिश्रा बाबा ने संयुक्त रूप से दूसरी प्रेस वार्ता की। अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस से कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई। जिला अध्यक्ष बोले- संगठन तय करेगा आंदोलन
राजेंद्र शर्मा और अजय मिश्रा बाबा ने कहा कि महापौर के धरने पर बैठने की बात विधायक अभय मिश्रा के व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की गाइडलाइन और संगठन के निर्णय के अनुसार आंदोलन तय होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभय मिश्रा का सुझाव है और पार्टी इस पर विचार करेगी। राजेंद्र शर्मा ने चुटीले अंदाज में कहा- “जरूरत पड़ी तो अभय मिश्रा जी को भी साथ में धरने पर बैठाएंगे।” महापौर की भूमिका पर टिकी नजर
कल्पना मिश्रा की मौत का मामला अब अस्पताल की कार्रवाई से आगे राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। एक तरफ सरकार और अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव है। दूसरी तरफ कांग्रेस में आंदोलन की कमान को लेकर मतभेद सामने आए हैं। अब नजर इस बात पर है कि महापौर अजय मिश्रा बाबा धरने पर बैठते हैं या कांग्रेस संगठन की गाइडलाइन के अनुसार आंदोलन की अगली रणनीति तय होती है।
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रीवा में गर्भवती कल्पना मिश्रा और उनके गर्भ में पल रहे नवजात की मौत का मामला अब सिर्फ अस्पताल में हुई कथित लापरवाही तक सीमित नहीं रहा है। मामले में सामने आए गर्भवती और डॉक्टर के वीडियो, अधीक्षक के विवादित बयान और राजनीतिक दलों के सवालों के बीच अब कांग्रेस के भीतर भी इस मुद्दे पर सियासी खींचतान सामने आ गई है। कल्पना मिश्रा को सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी और उनके गर्भ में पल रहे नवजात की मौत हो गई। मामले में अब तक दो स्टाफ नर्स और दो डॉक्टरों को निलंबित किया जा चुका है। मौत से पहले गर्भवती का वीडियो सामने आया था। इसमें कल्पना मिश्रा इलाज की व्यवस्था को लेकर आशंकित नजर आई थीं। उन्होंने कहा था कि “ये लोग मुझे मार डालेंगे।” इस वीडियो के सामने आने के बाद अस्पताल की इलाज प्रणाली और मरीजों के भरोसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। वहीं मामले में अस्पताल अधीक्षक का एक विवादित वीडियो/बयान भी सामने आया, जिसने विवाद को और बढ़ा दिया।
मामला इतना बढ़ा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी कल्पना मिश्रा की मौत को लेकर सरकार से सवाल उठा चुके हैं। लगातार उठते सवालों और कार्रवाई के बीच अब कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के बीच ही आंदोलन के तरीके को लेकर मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि कांग्रेस महापौर अजय मिश्रा बाबा इस मामले में धरने पर बैठेंगे और जब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक धरने पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि अजय मिश्रा बाबा रीवा के प्रथम नागरिक हैं, इसलिए उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। अभय मिश्रा ने यह भी कहा कि अगले विधानसभा चुनाव के लिए रीवा से उनकी दावेदारी है। ऐसे में जनता से जुड़े इस गंभीर मामले में उन्हें आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। अभय मिश्रा के बयान के बाद कांग्रेस में दो अलग-अलग प्रेस वार्ताएं। विधायक अभय मिश्रा की ओर से अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई, जबकि जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा और महापौर अजय मिश्रा बाबा ने संयुक्त रूप से अलग प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की अलग-अलग प्रेस वार्ता ने कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी खींचतान को खुलकर सामने ला दिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा और महापौर अजय मिश्रा बाबा ने कहा कि महापौर के धरने पर बैठने की पेशकश विधायक अभय मिश्रा के व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं। पार्टी की गाइडलाइन और संगठन के निर्णय के अनुसार ही इस मामले में आंदोलन तय किया जाएगा। हालांकि बाद में उन्होंने यह भी कहा कि अभय मिश्रा जी का सुझाव है और पार्टी इस पर विचार करेगी। जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने चुटीले अंदाज में कहा, “जरूरत पड़ी तो अभय मिश्रा जी को भी साथ में धरने पर बैठाएंगे।” राजनीतिक जानकार इसे महापौर की अग्निपरीक्षा से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि विधायक अभय मिश्रा ने मीडिया के सामने महापौर के धरने पर बैठने की बात रखकर राजनीतिक दबाव बनाने के साथ-साथ यह भी परखने की कोशिश की है कि इतने बड़े और देशभर में चर्चा में आ चुके मुद्दे पर महापौर किस तरह की भूमिका निभाते हैं। एक तरफ सरकार और अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई को लेकर दबाव है, दूसरी तरफ कांग्रेस के भीतर ही आंदोलन की कमान और भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि रीवा के प्रथम नागरिक अजय मिश्रा बाबा इस मामले में धरने पर बैठते हैं या कांग्रेस संगठन की गाइडलाइन के अनुसार आगे की रणनीति तय होती है।
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