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जालंधर में शीतला माता मंदिर के बेहद व्यस्त इलाके नशे में धुत बताए जा रहे एक कैंटर चालक ने सड़क पर दो एक्टिवा सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के तुरंत बाद मौके पर स्थानीय लोगों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि चालक अत्यधिक नशे की हालत में था और वाहन पर से अपना संतुलन खो बैठा था। दुर्घटना के बाद चालक ने खुद को कैंटर के केबिन में बंद कर लिया और हादसे से साफ इनकार करने लगा। पुलिस को तुरंत सूचित किए जाने के बावजूद मौके पर पुलिस के समय पर न पहुँचने से लोगों में प्रशासन के प्रति काफी रोष देखा गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। व्यस्त मार्ग पर अनियंत्रित होकर दौड़ा कैंटर यह दुर्घटना जालंधर के शीतला माता मंदिर के समीप स्थित एक मुख्य और व्यस्त बाजार क्षेत्र में हुई। यह मार्ग दिनभर श्रद्धालुओं, दुकानदारों और आम राहगीरों की आवाजाही से भरा रहता है। चश्मदीदों के अनुसार, माल से लदा हुआ एक कैंटर (गाड़ी नंबर PB 08 BZ 9433) तेज रफ्तार में आ रहा था। अचानक चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और रास्ते में आगे चल रही दो अलग-अलग एक्टिवा स्कूटियों को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही एक्टिवा सवार सड़क पर गिर पड़े, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने लगाया अत्यधिक नशे का आरोप घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि कैंटर चालक अत्यधिक शराब या किसी अन्य तीव्र नशे के प्रभाव में था। लोगों ने बताया कि जब गाड़ी अनियंत्रित होकर आगे बढ़ रही थी, तो उसे रुकवाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन चालक नशे की वजह से गाड़ी पर काबू नहीं पा सका। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर लोग खुद को बचाने के लिए सतर्कता न दिखाते, तो यह हादसा किसी बड़े विनाशकारी हादसे में बदल सकता था। टक्कर के बाद एक एक्टिवा सवार किसी तरह अपनी गाड़ी सँभालकर मौके से आगे निकल गया। केबिन में बंद होकर बैठ गया चालक, हादसे से किया इनकार हादसे के बाद जब स्थानीय लोग और राहगीर चालक को पकड़ने के लिए कैंटर की तरफ बढ़े, तो उसने डर और हंगामे के डर से खुद को केबिन के अंदर ही बंद कर लिया। जब लोगों ने खिड़की से उससे बात करने की कोशिश की, तो चालक ने यह मानने से इंकार कर दिया कि उससे कोई एक्सीडेंट हुआ है। उसका कहना था कि उसने किसी भी वाहन को टक्कर नहीं मारी है। हालांकि, उसकी बोली और हाव-भाव देखकर मौके पर मौजूद भीड़ लगातार यही दावा करती रही कि उसने भारी मात्रा में नशा कर रखा है। पुलिस प्रशासन की देरी से लोगों में भारी रोष घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके घटना की जानकारी दी और पुलिस बल को मौके पर भेजने की गुहार लगाई। इसके बावजूद काफी देर तक पुलिस के मौके पर न पहुंचने के कारण लोगों का गुस्सा बढ़ गया। लोगों का कहना था कि इतने व्यस्त और संवेदनशील इलाके में एक्सीडेंट होने के बाद भी पुलिस की देरी प्रशासनिक ढिलाई को दर्शाती है। सड़क पर बना जाम का माहौल शीतला माता मंदिर का यह इलाका पहले से ही संकरा और व्यस्त माना जाता है। हादसे के बाद सामान से लदा कैंटर (PB 08 BZ 9433) बीच सड़क पर ही खड़ा रहा, जिसके कारण कुछ ही देर में मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने खुद पहल करते हुए यातायात को व्यवस्थित करने का प्रयास किया ताकि आम जनता और मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। चालक का मेडिकल कराने और सख्त कार्रवाई की मांग स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि कैंटर को तुरंत कब्जे में लिया जाए और चालक का सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया जाए ताकि उसके नशे में होने की पुष्टि हो सके।
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जालंधर में शीतला माता मंदिर के पास सड़क हादसा:नशे में धुत कैंटर चालक ने दो एक्टिवा को मारी टक्कर, भारी हंगामा
