Headlines

टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू का शव पैतृक गांव लावालौंग पहुंचा:अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, बेटियों ने भी दिया अर्थी को कंधा




यूपी एटीएस के एनकाउंटर में मारे गए टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू का शव उनके पैतृक गांव लावालौंग पहुंचा। शव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया और परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घर के बाहर मौजूद ग्रामीण और परिवार के लोग रो रहे थे, जिससे गांव का माहौल गमगीन हो गया। ब्रजेश गंझू के अंतिम दर्शन के लिए पूरा गांव उनके घर पर इकट्ठा हो गया। उनकी वृद्ध मां के आंसू नहीं रुक रहे थे। ब्रजेश गंझू का परिवार बड़ा था। उनकी दो पत्नियां, चंपा देवी और उषा देवी, तथा कुल छह बच्चे (दो बेटे और चार बेटियां) हैं। पहली पत्नी चंपा देवी से सीता कुमारी, मनीषित कुमारी और अक्षत कुमार हैं। वहीं, वर्ष 2010 में शादी करने वाली दूसरी पत्नी उषा देवी से ऋषिकेश कुमार, पीहू कुमारी और मोहरिशा कुमारी हैं। हर ग्रामीण की आंखें नम थीं पिता का शव देखकर बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहां मौजूद हर ग्रामीण की आंखें नम थीं। ब्रजेश गंझू की अंतिम यात्रा में पूरे इलाके से बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। घर से लेकर अंतिम संस्कार स्थल तक करीब 200 मीटर लंबी लाइन लग गई। उनकी बेटियों ने भी अर्थी को कंधा दिया। इस दौरान एक बेहद भावुक और मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब बेटों के साथ-साथ मृतक की सभी बेटियों ने भी आगे बढ़कर अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इस पूरे घटनाक्रम और भारी भीड़ के बीच, लावालौंग थाना पुलिस की पेट्रोलिंग टीम भी इलाके में लगातार मौजूद रही। हालांकि, पुलिस की भूमिका केवल एहतियाती और सीमित नजर आई। पुलिसकर्मी घर से दूर किनारे पर खड़े होकर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। ब्रजेश के घर तक या अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया में पुलिस की तरफ से कोई विशेष सक्रियता या हस्तक्षेप देखने को नहीं मिला। गांव वालों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने दूरी बनाए रखी और पूरी विदाई प्रक्रिया बिना किसी पुलिसिया दखल के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *