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सिरसा जिले के डबवाली में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच गुरुवार को नगर परिषद प्रशासन ने शहर से कूड़ा उठाने का प्रयास किया। इस दौरान प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ठेकेदार के माध्यम से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां भेजीं। इसकी जानकारी मिलते ही हड़ताली सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और सफाई कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए सफाई कर्मचारी संघ के प्रधान सूरज कुमार सहित लगभग 50 सफाई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नगर परिषद ने लगाई थी गाड़ी नगर परिषद प्रशासन ने शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों को हटाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ये गाड़ियां लगाई थीं। हड़ताली कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों को वापस भेजने का प्रयास किया। इस दौरान कर्मचारियों के विरोध के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। सफाई कर्मचारियों को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही उनके परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने रामलीला ग्राउंड और धरनास्थल के पास जमा कूड़े के ढेरों के सामने प्रशासन की गाड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कुछ परिजन कूड़े के ढेर पर बैठकर और लेटकर कूड़ा उठाने की कार्रवाई का विरोध करते दिखे। अधिकारियों ने की समझाने की कोशिश परिजनों का कहना था कि जब तक सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर हड़ताल को कमजोर करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान नगर परिषद अधिकारियों और परिजनों के बीच काफी देर तक समझाने का दौर चलता रहा। अधिकारियों और पुलिस ने उन्हें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नगर परिषद कार्यालय से कूड़ा उठाने के लिए लगाई गई गाड़ियों को बाहर नहीं निकलने देने की बात पर अड़े रहे। कोरोना काल में सेवाएं देने का हवाला सफाई कर्मचारियों के परिजनों ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सफाई कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर शहर की सफाई व्यवस्था को संभाला था। इसके बावजूद आज कर्मचारियों की मांगों और उनके परिवारों की समस्याओं पर सरकार की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और पक्का करने की मांग सफाई कर्मचारी संघ के प्रधान सूरज कुमार ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करना और पालिका रोल पर कार्यरत कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी करीब एक माह से लगातार हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से मांगों के समाधान को लेकर गंभीर पहल नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों की अनदेखी किए जाने से कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए यदि वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कूड़ा उठाने का प्रयास किया गया तो कर्मचारी उसका पुरजोर विरोध करेंगे। हड़ताल से शहर वासियों को हो रही परेशानी उधर, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने के कारण शहरवासियों की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा हैं, जिसके चलते गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है। एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश संघ के निर्देश पर सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल को 30 अगस्त तक बढ़ाने का ऐलान किया है। ऐसे में नगर परिषद प्रशासन के सामने शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। समाचार लिखे जाने तक करीब 50 सफाई कर्मचारियों को पुलिस हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। यहां देखें फोटो…
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डबवाली में 50 सफाई कर्मचारी पुलिस हिरासत में:हड़ताल के बीच कूड़ा उठाने पहुंची गाड़ियों का किया विरोध, कचरे के ढेर पर बैठकर प्रदर्शन
