![]()
दुर्ग जिले में खरीफ फसलों की सटीक गिरदावरी के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) शुरू हो गया है। जिले का कुल रकबा 1,41,062 हेक्टेयर है, जिसमें लगभग 1.30 लाख हेक्टेयर में धान और शेष में दलहन-तिलहन व अन्य फसलें शामिल हैं। सर्वे के लिए मोबाइल एप में लागू नए ‘जीरो मीटर’ नियम ने सर्वेयरों की परेशानी बढ़ा दी है। पहले सर्वेयर 50, 20 या 10 मीटर की दूरी से फोटो ले सकते थे, लेकिन अब एप का एआई सिस्टम तब तक फोटो स्वीकार नहीं करता, जब तक सर्वेयर खेत के अंदर या मेढ़ पर खड़े होकर सटीक ‘जीरो मीटर’ लोकेशन से फोटो अपलोड न करे। कहीं-कहीं तो सर्वेयर को खेत में लगी फसल की फोटो खींचने के लिए पेड़ पर भी चढ़ना पड़ रहा है। खेतों में खतरे: कंटीले तार, करंट और जलभराव जान का जोखिम
जानवरों से बचाव के लिए किसानों ने खेतों में कंटीले तार और बिजली के चालू तार (करंट) लगा रखे हैं। इससे सर्वेयर की जान का खतरा है। जलभराव व दुर्गम रास्ते
बारिश से खेत लबालब हैं। कई प्लॉट मुख्य रास्तों से काफी अंदर हैं और मौके पर किसानों की गैर-मौजूदगी से सर्वे मुश्किल हो रहा है। सर्वेयरों की मांग: 10 मीटर का दायरा बहाल हो
सर्वेयरों ने शासन-प्रशासन से एप अपडेट करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि 10 मीटर की दूरी से फोटो अपलोड करने की छूट दोबारा मिल जाए, तो वे बिना किसी जोखिम के तेजी से काम पूरा कर सकेंगे। ‘जीरो मीटर’ की बाध्यता से कई दुर्गम प्लॉट छूटने का खतरा बना हुआ है।
Source link
दुर्ग में 1.41 लाख हेक्टेयर में डिजिटल क्रॉप सर्वे:फसल की फोटो लेने पेड़ पर चढ़ रहे सर्वेयर, AI ने बढ़ाई मुश्किलें
