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चंडीगढ़ के रिटायर्ड बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हुई दो करोड़ रुपए की साइबर ठगी मामले में सीबीआई मंगलवार को जमशेदपुर पहुंची। चंडीगढ़ सीबीआई की टीम ने झारखंड सीबीआई के सहयोग से गोलमुरी के टुईलाडूंगरी सरस्वती नगर में छापेमारी कर राजदीप सिंह को हिरासत में लिया। उससे गोलमुरी थाना में पूछताछ की जा रही है। सीबीआई के अनुसार, ठगी में इस्तेमाल किया गया सिम राजदीप सिंह उर्फ अर्जुन सिंह के नाम पर जारी था। इसी आधार पर जांच टीम उसके घर पहुंची। राजदीप ने जांच टीम को अपना आधार कार्ड, कोटक महिंद्रा बैंक की पासबुक और अन्य दस्तावेज सौंपे हैं। सीबीआई इन दस्तावेजों और उसकी भूमिका की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने चंडीगढ़ निवासी रिटायर्ड कार्यपालक अभियंता सुखमिंदर सिंह के खाते से रिटायरमेंट की राशि दो करोड़ रुपए नौ बार में निकाली। इसके बाद रकम को 60 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई टीम के सदस्य कर्मदीप सिंह ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जसबीर के घर भी पहुंची टीम, बाद में बताई गलतफहमी : कार्रवाई के दौरान सीबीआई की दूसरी टीम टुईलाडूंगरी निवासी जसबीर सिंह के घर भी पहुंची। टीम ने वहां पूछताछ और जांच की। हालांकि, बाद में सीबीआई अधिकारियों ने इसे गलतफहमी बताया। जसबीर की इस मामले में कोई भूमिका है या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। राजदीप के माता-पिता ने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर उसे मामले में फंसाया गया है। मां बलजीत कौर ने कहा कि सीबीआई जब घर पहुंची, तब राजदीप घर में सो रहा था। अगर उसने कुछ गलत किया होता तो वह घर से भाग जाता। उन्होंने बताया कि राजदीप पहले जोमैटो में डिलीवरी का काम करता था और पिछले दो महीने से ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा है। परिवार का दावा है कि किसी ने उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी सिम निकलवाया है। राजदीप के पिता पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि वह पिछले एक साल से ठेले पर घूम-घूमकर आइसक्रीम बेचकर परिवार चला रहे हैं। “अगर बेटे ने करोड़ों रु. का घपला किया होता तो आज भी हम टूटे-फूटे किराए के मकान में नहीं रह रहे होते।” उन्होंने जांच में बेटे की बेगुनाही सामने आने की उम्मीद जताई।
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दो करोड़ की साइबर ठगी में जमशेदपुर का राजदीप सीबीआई की हिरासत में
