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नई गड्‌डी ली है… पहले नवरात्र पर 457 वाहनों की डिलीवरी, इनमें 150 कारें



फेस्टिवल सीजन की शुरुआत हो चुकी है। इन्हीं दिनों में लोग खरीदारी करते हैं, नई गाड़ी घर लाते हैं। लोग पहले ही बुकिंग करवा लेते हैं कि नवरात्र में गाड़ी लानी है। रविवार को पहले नवरात्र पर इस बार भी ज्यादा संख्या में गाड़ियां बिकी हैं। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के रजिस्ट्रेशन के डेटा को देखें तो रविवार देर रात तक करीब 457 वाहनों की सेल हुई है। चंडीगढ़ में औसतन एक दिन में करीब 135 तक ही वाहनों की रजिस्ट्रेशन होती है, लेकिन पहले नवरात्र पर तीन गुना से ज्यादा वाहन बिके। चंडीगढ़ में अब डीलर्स पॉइंट पर ही गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन हो जाती है। इसके चलते देर रात तक गाड़ियों की डॉक्यूमेंटेशन ऑनलाइन किए जाने का प्रोसेस चलता रहता है। इसलिए 457 वाहनों की रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा बढ़ जाएगा। कई गाड़ियों का डेटा देर रात तक या अगले दिन भी प्रोसेस होता है। पहले दिन रविवार को करीब 150 फोर व्हीलर और करीब 307 टू व्हीलर बिके हैं। हालांकि ये फाइनल डेटा नहीं है, क्योंकि कई वाहन जो यहां बिकते हैं, उनके खरीदार पंचकूला या मोहाली या फिर अन्य किसी राज्य में रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। डीलर्स पॉइंट पर वाहनों की रजिस्ट्रेशन से संबंधित डेटा देर रात तक और अगले दिनों में भी अपडेट होता है तो असल में एक ही दिन में बिकने वाले और रजिस्ट्रेशन होने वाले वाहनों की संख्या 457 से ऊपर ही रहेगी। रेवेन्यू का करीब 40% शेयर ऑटोमोबाइल सेक्टर से ही चंडीगढ़ के सरकारी खजाने में ऑटोमोबाइल सेक्टर से मोटी कमाई होती है। इसका बड़ा कारण ये है कि यहां पर सेल ज्यादा रहती है। गाड़ियों के बिकने की वजह से न सिर्फ 40 फीसदी जीएसटी सरकार के खाते में जमा होता है, बल्कि आगे रोड टैक्स के तौर पर भी करोड़ों रुपए सरकार को जमा होते हैं। सिर्फ फैंसी नंबर बेचने से भी हर तीसरे महीने की ऑक्शन में करीब 3.5 से 4 करोड़ रुपए का रेवेन्यू सरकारी खजाने में जमा होता है। पिछले साल नवरात्र का पहला दिन 22 सितंबर 2025 को था। उस वक्त केंद्र सरकार ने गाड़ियों पर लगने वाले जीएसटी को 28% से कम करके 18% तक कर दिया था। पिछले नवरात्र के पहले दिन करीब 97 कारें रजिस्टर्ड हुई थीं। इस बार पहले दिन ही रात तक करीब 150 कारें रजिस्टर्ड हुई हैं। रोड टैक्स बढ़ने से साल 2024 में कम वाहन बिके थे चंडीगढ़ में गाड़ियों का क्रेज शुरू से रहा है, जिससे प्रति परिवार गाड़ियों की संख्या 5 है। यहां आबादी से ज्यादा गाड़ियों की संख्या है। इसकी वजह से अब पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या भी बढ़ी है। केंद्र सरकार के डेटा के हिसाब से ही देखें तो वर्ष 2022 में औसतन जहां रोज 139 गाड़ियां रजिस्टर्ड हुई थीं, वहीं 2023 में करीब 145 गाड़ियां रजिस्टर्ड हुईं। 2024 में थोड़ी कमी आई, क्योंकि 2023 में चंडीगढ़ प्रशासन ने गाड़ियों पर लगने वाले रोड टैक्स में 4 से 6 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी थी। साथ ही दूसरे राज्य में खरीदी गई और यहां रजिस्टर्ड होने वाली गाड़ी पर एक्स्ट्रा 2 परसेंट का रोड टैक्स लगा दिया। औसतन हर रोज 126 गाड़ियां रजिस्टर्ड हुईं, लेकिन इसके बाद 2025 से फिर गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन में तेजी आई। उस साल औसतन 139 गाड़ियां हर रोज रजिस्टर्ड हुईं, जबकि 2026 में अभी तक के डेटा के हिसाब से रजिस्ट्रेशन और तेज हुई है। औसतन अभी तक रोज करीब 148 गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन यहां पर हुई है।



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