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ब्लीडिंग होने पर परिजन प्रसूता को सीकर के नीमकाथाना के मातृ एवं शिशु अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां से डॉक्टर ने प्रसूता को जयपुर रेफर कर दिया। लेकिन, यहां डॉक्टर ने कहा कि प्रसूता के गर्भ में बच्चा नहीं है। प्रसूता की डिलीवरी या गर्भपात हो चुका है। घटना के बाद गुस्साएं परिजन वापस नीमकाथाना पहुंचे और अस्पताल में हंगामा कर दिया। परिजनों ने बच्चे को बरामद करने, मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ब्लड नहीं रुकने पर किया था रेफर कोटा निवासी महिला के पति दलीप वर्मा ने बताया- 19 जुलाई की सुबह मेरी पत्नी किरण (30) के तेज दर्द उठा। सुबह करीब 5 बजे मैं उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंच गया। यहां एक नर्स उसे अंदर ले गई, करीब 10-15 मिनट उसे अंदर रखा। इसके बाद उन्होंने कहा इसकी हालत ज्यादा खराब है, ब्लड नहीं रुक रहा है, इसे जयपुर ले जाओ। वहां डॉक्टर ने हमें बताया कि पेट में बच्चा है ही नहीं। पति ने कहा- मैं जब उसे घर से लेकर आया था, वह बिल्कुल नॉर्मल थी। ब्लड यहीं चालू हुआ था। पेट में केवल बच्चे की नाल थी। बच्चा यहीं निकल गया था। अभी वह जयपुर के जनाना अस्पताल में भर्ती है। हमें हमारा बच्चा चाहिए, जिंदा हो या मर गया हो। जांच के लिए 4 सदस्यों की समिति गठित जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. कमल सिंह शेखावत ने बताया- दलीप कुमार की लिखित शिकायत मिली है। जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह जांच का विषय है कि गर्भपात अस्पताल में हुआ,घर पर हुआ, रास्ते में हुआ या जयपुर में। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज देखने से पता चलता है कि पूरे समय महिला के साथ परिजन मौजूद थे। नीमकाथाना कोतवाली पुलिस को भी सूचना दी गई है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। महिला की डिलवरी डेट 20 अक्टूबर 2026 थी। अब परिजनों ने यहां आकर विरोध जताया है। डॉ. जी.एस. छापोला ने उनसे समझाइश की है कि यहां गर्भपात नहीं हुआ है। महिला के आने के आधे घंटे बाद रेफर कर दिया था महिला को अटेंड करने वाले डॉ. खटाना ने कहा-नर्स ने मुझे सुबह करीब 5:30 बजे कॉल किया था। ब्लीडिंग होने पर जो प्राथमिक उपचार होता है वो किया गया। 6 बजे के आसपास उसको रेफर किया था। जयपुर करीब 8:30 बजे पहुंची थी। परिजन यहां कह रहे है कि जयपुर में डॉक्टर ने कहा है कि महिला के पेट में बच्चा नहीं है। मातृ एवं शिशु अस्पताल के प्रभारी डॉ. जी.एस. छापोला ने कहा- परिजनों में गर्भपात को लेकर भ्रम की स्थिति है। महिला को उपलब्ध सोनोग्राफी रिपोर्ट और मेडिकल स्थिति के आधार पर अधिक ब्लीडिंग होने पर तत्काल जयपुर रेफर किया गया था। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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नीमकाथाना में महिला की कोख से बच्चा गायब:गंभीर हालत में जयपुर रेफर हुई थी, डॉक्टर बोले- पहले ही हो चुकी है डिलीवरी, परिजनों ने किया हंगामा
