![]()
कुरुक्षेत्र के पिहोवा में कॉलेज की प्रधानगी की रंजिश में गुरप्रीत की हत्या के बाद फरार हुए कर्ण और जशनदीप ने पुलिस से बचने के लिए सिर्फ ठिकाना नहीं बदला, बल्कि देश से बाहर निकलने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। दोनों दिल्ली से नेपाल पहुंच गए थे। नेपाल उनके लिए मंजिल नहीं, बल्कि आगे विदेश जाने का रास्ता था। यहां से पहले दुबई या किसी दूसरे देश का वीजा लेने और उसके बाद डंकी के जरिए अमेरिका पहुंचने की तैयारी थी। दोनों आरोपियों को नेपाल से बाहर निकलने की तैयारी के दौरान पुलिस ने पकड़ लिया। इस मामले में अब पुलिस ने दो ऐसे दोस्तों को भी गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोपियों को फरार होने में मदद करने का आरोप है। पैसे से पहुंचाई मदद पुलिस के मुताबिक, मनीष कुमार निवासी कैंथला और शुभम निवासी धनीरामपुरा ने आरोपियों को पैसे दिए। उनके अकाउंट में रकम डाली गई और कैश भी दिया गया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हत्या के बाद आरोपियों की फरारी से लेकर विदेश निकलने की तैयारी तक इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े थे। हत्या के बाद नेपाल पहुंचे 14 सितंबर की रात पिहोवा में गुरप्रीत और उसके भाई गगनदीप पर हमला करने के बाद कर्ण और जश्नदीप फरार हो गए थे। पुलिस से बचने के लिए दोनों पहले दिल्ली पहुंचे। यहां से अपने साथी आशीष के साथ नेपाल चले गए। दोनों नेपाल में रुकने के लिए नहीं गए थे। नेपाल से आगे निकलने की तैयारी थी। डंकी से अमेरिका जाने का प्लान दोनों पहले नेपाल में एंट्री के कागज तैयार कराने में लगे थे। इसके बाद दुबई या किसी दूसरे देश का वीजा लेने की तैयारी थी। आगे इसी रास्ते से डंकी लगाकर अमेरिका पहुंचने का प्लान था। आरोपियों ने हत्या के बाद भागने की तैयारी अचानक नहीं की, बल्कि देश से बाहर निकलने के लिए अलग-अलग पड़ाव तय कर रखे थे। बॉर्डर पर पकड़ा साथी कुरुक्षेत्र पुलिस को इनपुट मिला कि हत्या के दोनों आरोपी नेपाल बॉर्डर के पास हैं और वहां से आगे निकलने की तैयारी में हैं। सीआईए-2 की टीम ने उनकी तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने पहले आशीष को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि कर्ण और जशनदीप नेपाल में एंट्री के कागज तैयार कराने गए हैं और कुछ देर में वापस आएंगे। आते ही पुलिस ने किए गिरफ्तार इसके बाद पुलिस ने दोनों का इंतजार किया। जैसे ही कर्ण और जश्नदीप वापस पहुंचे, टीम ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद नेपाल और भूटान पुलिस से भी संपर्क कर उनकी लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। दो दोस्तों पर पैसा देने का आरोप मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनकी फरारी में मदद करने वालों की कड़ी जोड़नी शुरू की। जांच में मनीष कुमार और शुभम के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। सीआईए-2 इंचार्ज मंदीप सिंह के अनुसार, आरोप है कि दोनों ने कर्ण और जशनदीप की आर्थिक मदद की। अकाउंट में पैसे डालने के साथ उन्हें कैश भी दिया गया। कॉलेज की प्रधानगी बनी वजह पुलिस जांच में हत्या की वजह कॉलेज में चल रही रंजिश सामने आई है। गुरप्रीत का भाई गगनदीप और आरोपी कर्ण व जशनदीप एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं। दोनों अलग-अलग छात्र ग्रुप से जुड़े हुए थे। कॉलेज की प्रधानगी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। इसी को लेकर रंजिश थी। 14 सितंबर की रात पिहोवा चौक के पास रास्ता देने को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद विवाद बढ़ गया। दोनों पक्ष मेन बाजार की तरफ पहुंचे। वहां गाली-गलौज के बाद आरोपियों ने गाड़ी रोककर तलवार से हमला कर दिया। हमले में गगनदीप और गुरप्रीत घायल हुए थे। इलाज के दौरान 19 सितंबर को गुरप्रीत की मौत हो गई।
Source link
नेपाल से अमेरिका भागने की तैयारी में थे मुख्यारोपी:डंकी से जाने का बनाया था प्लान, दो मददगार दोस्त भी गिरफ्तार; कुरुक्षेत्र गुरप्रीत हत्याकांड
