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तरनतारन जिले के पट्टी और आसपास के गांवों में भारी बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की कटाई के अहम समय में मौसम बदलने से फसल की गुणवत्ता और पैदावार पर असर पड़ने का डर है। खेतों में खड़ी या कटाई के बाद खुले में पड़ी फसल को नुकसान की आशंका है। बारिश से दाने में नमी बढ़ सकती है और फसल जमीन पर गिर सकती है, जिससे मंडियों में बेचने में भी दिक्कत होगी। किसानों का कहना है कि बीज, खाद और मजदूरी पर पहले ही काफी खर्च हो चुका है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का आकलन करने और नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है। किसानों ने यह भी मांग की है कि मंडियों में धान की खरीद, भंडारण और उठान के उचित इंतजाम किए जाएं, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने में कोई परेशानी न हो। धान की फसल का मुआवजा दिया जाए पट्टी एरिया के किसानों सतनाम सिंह, अवतार सिंह, बलजिंदर सिंह ने कहा बारिश होने से हमारी पकी हुई धान की फसल खराब हो चुकी है और सरकार से अपील है कि हमें हमारी पकी हुई धान की फसल का मुआवजा दिया जाए बारिश से फसलों को नुकसान: अधिकारी बारिश के संबंध खेतीबाड़ी ब्लॉक अफसर डॉ भूपिंदर सिंह ने कहा कि इस समय हुईं बारिश से फसलों को नुकसान हो गया है और एक हफ्ते तक अब फसल की कटाई नहीं हो सकती।
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पट्टी में बारिश से धान की फसल भीगी:कटाई के समय बढ़ी किसानों की चिंता; तरनतारन में मौसम रहा साफ
