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रेवाड़ी में पशुओं के हमले में 5 दिन में 2 मौत हुई। जिसके बाद हरकत प्रशासन हरकत में आया। जोर-शोर के साथ शहर में पशु पकड़ो अभियान फिर शुरू हुआ। पहले ही दिन टीम का पीछा कर 4 पशु छुड़वाए। 3 पशु पालकों पर केस दर्ज होने के बाद एक दिन बाद फिर अभियान चला तो पशुपालकों ने रस्सी काटकर पशुओं को छुड़वा लिया। अगले दिन दादागिरी के साथ वैन से पशु उतारकर ले गए। 3 दिन में पशु छुड़वाने की 3 घटनाओं के बाद भी जब प्रशासन की नींद नहीं टूटी तो कर्मचारी पशु पकड़ने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाए।
मजबूरी में एजेंसी को एक बार फिर अपने कदम वापस खींचने पड़े। भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह और पूर्व मंत्री की नसीहत के बावजूद प्रशासन पशुपालकों के सामने बेदम नजर आ रहा है। जिससे दो मौतों के बाद भी शहर की सड़कों, बाजारों और चौक चौराहों से एचएसवीपी सेक्टरों तक पशुओं के झुंड देखे जा सकते हैं। 3 दिन- 3 जगह, एक जैसी कहानी प्रशासन के शहर को कैटल फ्री बनाने के दावों के बीच 5 दिन में 2 मौतों के 15 दिन बाद भी जमीनी हकीकत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। तीन दिन में 3 जगह एक जैसी कहानी देखने को मिली। इनके अलावा शहर में ऐसे कई स्थान है, जहां प्रतिदिन की यही कहानी है। जिससे प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत का फर्क स्पष्ट नजर आता है। सोमवार:- सोमवार देर शाम नई अनाज मंडी के सामने रोड पर गोवंश का जमावड़ा मिला। जिससे एक तरफ का रोड पूरी तरह से बंद होने के कारण वाहन चालकों को रॉग साइड से चलने के लिए विवश होना पड़ा। मंगलवार:- मंगलवार को बीएमजी के पास सेक्टर-5 में गायों का झुंड दिखाई दिया। सड़क के बीच में दो सांड आपस में लड़ते रहे। राहगीरों और वाहन चालक अपनी जान को जोखिम में डालकर उनके पास से आवागमन करते रहे। कुछ तो किसी प्रकार बड़ी मुश्किल से खुद को सुरक्षित बचा पाए। बुधवार:- सुबह सेक्टर-4 में HSVP के खाली प्लाट में पशुओं का जमावड़ा लगा था। इस पार्क के साथ लगता कैप्टन जगराम यादव का मकान है। जिनकी 5 अगस्त को सब्जी लाते समय गाय और सांड की चपेट में आने से मौत हो गई थी। 9 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं ठेकेदार देवेंद्र की शिकायत पर शहर पुलिस ने 17 अगस्त को तीन पशु पालकों के खिलाफ केस दर्ज किया। ठेकेदार ने पुलिस को बताया कि 11 अगस्त को माता चौक पर गायों के हमले में प्रताप सिंह यादव की मौत हो गई थी। हमला करने वाले पशु गुजरवाड़ा निवासी इंद्र गुर्जर, मलखान गुर्जर और फरसा गुर्जर के थे। एफआईार के 9 दिन बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। 5 अगस्त को सेक्टर-4 निवासी कैप्टन जगराम यादव सब्जी लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान गाय और सांड ने उन पर हमला कर दिया। वे स्कूटी समेत सड़क पर गिर गए और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। नई रणनीति पर चल रहा काम नगर आयुक्त प्रदीप अहलावत ने कहा कि शहर को पशु मुक्त बनाने को लेकर प्रशासन गंभीर है। इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है। जिसके लिए विभिन्न संगठनों के साथ भी चर्चा की जा रही है। जिसे जल्द अंतिम रूप देकर काम शुरू कर दिया जाएगा। फोटो से जानिए सेक्टर-5 की स्थित
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पशु पालकों के आगे प्रशासन बेदम; थमा पशु पकड़ो अभियान:सरेआम गाड़ियों से उतारकर ले जाते हैं पशु; 2 मौतों से भी सबक नहीं
