Headlines

पाकुड़ तारापुर की कलश यात्रा में दिखी आदिवासी संस्कृति:ढोल-नगाड़ों और दशांय-दोन बाजा की धुन पर निकली शोभायात्रा, दिखा उत्साह




पाकुड़ जिले में रविवार से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो गई। दुर्गा पूजा को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। सुबह से ही बाजारों में रौनक रही। दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कई जगहों पर कलश यात्रा निकाली गई, तो कहीं शोभायात्रा आयोजित हुई। हिरणपुर प्रखंड के तारापुर में श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, तारापुर-गोविंदपुर की ओर से कलश सह शोभायात्रा निकाली गई। इसमें आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिली। आदिवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण आदिवासी ढोल और पारंपरिक दशांय-दोन बाजा रहा। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर श्रद्धालु उत्साह के साथ शामिल हुए। आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। नवरात्र के पहले दिन लोगों ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा के इंतजाम तारापुर में निकाली गई शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पाकुड़ एसडीपीओ कुमार गौरव, हिरणपुर बीडीओ टुडू दिलीप और थाना प्रभारी रंजन कुमार पुलिस बल के साथ तैनात रहे। पुलिसकर्मी लगातार निगरानी कर रहे थे, ताकि शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष नंद किशोर मंडल, उपाध्यक्ष चंद्रयान केतु प्रकाश, सचिव कृष्णा पंडित और कोषाध्यक्ष भानुप्रताप साहा सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। इस अवसर पर संतोष साहा, पंकज साहा, राजीव पंडित, डोमन पंडित, नारायण यादव, मानिकचंद साहा, उमाचरण साहा, टिंकू साहा, महेंद्र साहा, मनोज साहा, भीम यादव, प्राण यादव और अम्बिका प्रसाद साहा सहित कई सदस्य मौजूद रहे। समिति के सदस्यों ने आयोजन में सहयोग किया। तलवाडांगा में 108 कलशों से हुई पूजा की शुरुआत पाकुड़ शहर के तलवाडांगा स्थित महाकाल शक्तिपीठ मंदिर परिसर से भी कलश यात्रा निकाली गई। इसमें महिलाएं और बच्चियां शामिल हुईं। श्रद्धालुओं ने कालीभसान स्थित शिव मंदिर के तालाब से 108 कलशों में जल भरा। इसके बाद कलश लेकर मंदिर परिसर पहुंचे। वहां नवरात्र की पूजा-अर्चना की गई। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी नवरात्र को लेकर उत्साह देखा गया। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। कलश स्थापना के साथ विभिन्न पूजा पंडालों और मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना कर नवरात्र के पहले दिन पूजा की। शहर से लेकर गांवों तक धार्मिक गतिविधियां देखने को मिलीं। अमड़ापाड़ा में 102 साल से हो रही मां दुर्गा की आराधना अमड़ापाड़ा बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में भी रविवार को कलश स्थापना की गई। स्थापना से पहले प्रखंड मुख्यालय के पास बांसलोई नदी से कलश में जल भरकर मंदिर लाया गया। इसके बाद पुरोहित ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापित कराया। समिति के अध्यक्ष बबलू भगत ने बताया कि मंदिर में पिछले 102 वर्षों से मां दुर्गा की आराधना की जा रही है। इस वर्ष भी पूरे भक्तिभाव के साथ नवरात्र पूजा शुरू की गई है। वहीं, शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। प्रशासन की ओर से धार्मिक आयोजनों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की जा रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *